CM योगी का गोरखपुर जनता दर्शन: 200 लोगों की सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अगस्त 2026 को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगातार दूसरे दिन 'जनता दर्शन' आयोजित किया, जिसमें उन्होंने करीब 200 फरियादियों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि हर शिकायत का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दर्शन का क्रम और माहौल
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस जनसेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं एक-एक फरियादी के पास पहुँचे और उनकी बात ध्यान से सुनी। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में बुजुर्ग, महिलाएं और परिजनों के साथ आए बच्चे भी शामिल थे। योगी ने सबको भरोसा दिलाया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और हर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाया जाए। विशेष रूप से उन्होंने चेतावनी दी कि किसी की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले और कमजोर वर्गों को उजाड़ने वाले तत्वों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुँचे जो चिकित्सा सहायता के लिए आर्थिक मदद की माँग लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर सहायता करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी अनुमान (estimate) प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर शासन को उपलब्ध कराया जाए।
बच्चों से संवाद और गोसेवा
योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और उन्हें खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट भेंट की। जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की।
आगे की राह
यह जनता दर्शन मुख्यमंत्री के गोरखपुर प्रवास का हिस्सा था, जो लगातार दो दिनों तक जारी रहा। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद अब यह देखना होगा कि शिकायतों का निस्तारण कितनी शीघ्रता और पारदर्शिता से होता है — यही इस जनसेवा कार्यक्रम की वास्तविक कसौटी होगी।