दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल: ईशान किशन चोटिल, वैभव सूर्यवंशी ने संभाली ईस्ट जोन की कप्तानी
सारांश
मुख्य बातें
वैभव सूर्यवंशी को रविवार, 30 अगस्त को बेंगलुरु में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में पहली बार सीनियर फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कप्तानी का मौका मिला, जब नियमित कप्तान ईशान किशन दाहिने अंगूठे में चोट के कारण मैदान से बाहर हो गए। ईस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन के इस अहम मुकाबले में सूर्यवंशी ने स्टैंड-इन कप्तान के रूप में टीम की बागडोर थामी।
चोट का घटनाक्रम
सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी के दौरान विकेटकीपिंग करते समय ईशान किशन के दाहिने अंगूठे में चोट लग गई, जिससे उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। किशन के मैदान से बाहर जाने के बाद विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कुमार कुशाग्र ने संभाली, जबकि टीम के उप-कप्तान सूर्यवंशी ने कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभाई।
सूर्यवंशी का टूर्नामेंट में प्रदर्शन
इस युवा खिलाड़ी ने दलीप ट्रॉफी में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में बल्लेबाजी में वे केवल 8 रन ही बना सके, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने महज 11 रन देकर 2 विकेट झटककर टीम को मजबूती दी। बीसीसीआई डोमेस्टिक के एक वीडियो में सूर्यवंशी ने कहा था, "अगर आप किसी भी बल्लेबाज से पूछें, तो उन्हें हमेशा गेंदबाजी करना पसंद होता है। एक बल्लेबाज को हमेशा गेंदबाजी करने में मजा आता है और एक गेंदबाज को हमेशा बल्लेबाजी करने में उतना ही आनंद आता है।"
किशन के गेंदबाजी में उतारने के फैसले पर सूर्यवंशी ने कहा, "विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, इसलिए मुझे दो या तीन ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया। ईशान किशन को लगा कि वह जोखिम उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मैं विकेट लेने वाला खिलाड़ी हूं।"
सेमीफाइनल का मुख्य घटनाक्रम
टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की अगुआई वाली सेंट्रल जोन को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। पहले दिन के पहले सत्र में ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को 32 ओवर में 81/3 पर रोककर दबाव बनाए रखा।
अभिजीत के. सरकार ने 2 विकेट और मुकेश कुमार ने 1 विकेट लिया। सरकार ने दिन के पहले घंटे में अमन मोखाडे और कुणाल चंदेला को पवेलियन भेजा, जबकि मुकेश ने दूसरे घंटे के अंत में रजत पाटीदार को 12 रन के स्कोर पर क्लीन बोल्ड किया।
सारांश जैन की वापसी
सेंट्रल जोन की टीम में ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन की वापसी उल्लेखनीय रही। जैन ने इसी महीने की शुरुआत में कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, और घरेलू क्रिकेट में उनकी उपस्थिति सेंट्रल जोन की गेंदबाजी को गहराई देती है।
आगे क्या
ईशान किशन की चोट की गंभीरता अभी स्पष्ट नहीं है और यह देखना होगा कि वे सेमीफाइनल के अगले दिनों में मैदान पर लौट पाते हैं या नहीं। वैभव सूर्यवंशी के लिए यह अनुभव उनके क्रिकेट करियर की एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।