ताशकंद में PM मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की वार्ता, भारत-उज्बेकिस्तान संबंध 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में अपग्रेड
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की औपचारिक वार्ता की, जिसमें दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने पर सहमति जताई। यह मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह निर्णय विशेष महत्व रखता है।
वार्ता में कौन-कौन शामिल रहे
प्रतिनिधिमंडल स्तर की इस बैठक में भारतीय पक्ष की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्रालय के पश्चिम विभाग के सचिव सिबी जॉर्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वार्ता से पहले ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
मोदी ने जताई उज्बेक आतिथ्य की सराहना
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान में मिले सम्मान और आतिथ्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'कल आपने स्वाग में मैंने भोजन के दौरान जो अनुभव किया उसमें आपका प्यार साफ दिखाई दिया। उसके लिए मैं विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों का गायन और नृत्य देखकर ऐसा लगा मानो उज्बेकिस्तान में हिंदुस्तान ही खड़ा हो गया हो — 'मुझे ऐसा लगा कि मेरा गुजरात यहीं है।' पूरे शहर को भारत के तिरंगे के रंगों से सजाए जाने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इस दृश्य ने उनके दिल को छू लिया।
रणनीतिक साझेदारी और 35वीं वर्षगांठ की बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ — जो 1 सितंबर को मनाई जाती है — पर अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ का संयोग इसे और भी खास बनाता है। उन्होंने कहा कि इस विशेष अवसर पर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देकर ठोस लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
योग सत्र और सांस्कृतिक जुड़ाव
इस दौरे में एक सांस्कृतिक पहलू भी उभरकर सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने 52 उज्बेक योग साधकों की भागीदारी वाले एक विशेष योग सत्र को देखा। इस सत्र में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान के 6 सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। मोदी ने एक्स पर लिखा: 'उज्बेकिस्तान को योग पसंद है!' और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव को उज्बेकिस्तान में योग को बढ़ावा देने के लिए आभार जताया।
भारतीय समुदाय का भव्य स्वागत
ताशकंद में उज्बेकिस्तान के भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस दौरान 'मोदी मोदी', 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' के नारे गूंजे। मोदी ने एक्स पर लिखा कि प्रवासी भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच 'एक जीवंत सेतु' है। गौरतलब है कि यह मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।