29 अगस्त 2026
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PM मोदी ने ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की, उज्बेक विरासत को दिया सम्मान

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PM मोदी ने ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की, उज्बेक विरासत को दिया सम्मान

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की यह चौथी यात्रा महज़ औपचारिकता नहीं — यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि से लेकर 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विजन तक, दोनों देश मध्य एशिया में एक नई रणनीतिक धुरी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 29 अगस्त 2026 को ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने स्वयं ताशकंद हवाई अड्डे पर PM मोदी का स्वागत किया।
यह उज्बेकिस्तान की मोदी की चौथी यात्रा है, जो 12 वर्षों में मज़बूत हुए द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है।
यात्रा में 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' विजन पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी।
व्यापार, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने पर ज़ोर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अगस्त 2026 को ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित कर उज्बेकिस्तान के समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय भावना के प्रति भारत की गहरी श्रद्धा व्यक्त की। यह अवसर उज्बेकिस्तान की उनकी दो दिवसीय राजकीय यात्रा का हिस्सा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करती है।

पार्क में साझा पल, संस्कृति का सम्मान

पुष्पांजलि के दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की और उज्बेकिस्तान के समृद्ध इतिहास, विरासत और राष्ट्रीय भावना का सम्मान किया। इस अवसर ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरी और लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को रेखांकित किया।"

ताशकंद आगमन और राष्ट्रपति का स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी के ताशकंद हवाई अड्डे पर उतरते ही राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने स्वयं उनका स्वागत किया — एक ऐसा इशारा जो पिछले 12 वर्षों में दोनों देशों के बीच मज़बूत हुए संबंधों की गहराई को दर्शाता है। मोदी ने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव द्वारा गर्मजोशी से स्वागत के साथ ताशकंद पहुंचा। इस विशेष भाव के लिए उनका आभारी हूं। यह उज्बेकिस्तान की मेरी चौथी यात्रा है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाती है।"

द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इस वार्ता में 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विकास विजन को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यात्रा से पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था, "हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मैं व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा में हमारे सहयोग को और गहरा करने को लेकर उत्सुक हूं।"

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो इस मध्य एशियाई देश के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। भारत-उज्बेकिस्तान संबंध व्यापार, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग के क्षेत्रों में लगातार विस्तार पा रहे हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत मध्य एशिया में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सक्रिय रणनीतिक भागीदार के रूप में देख रहा है। 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विजन का उल्लेख संकेत देता है कि यह संबंध अब प्रतीकात्मक कूटनीति से आगे बढ़कर संरचनात्मक सहयोग की ओर जा रहा है। हालांकि, व्यापार और डिजिटल कनेक्टिविटी के ठोस परिणाम अभी भी वादों की तुलना में सीमित रहे हैं — असली परीक्षा इस यात्रा से निकलने वाले समझौतों के क्रियान्वयन में होगी।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि क्यों अर्पित की?
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान ताशकंद के यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित कर उज्बेक इतिहास, विरासत और राष्ट्रीय भावना के प्रति सम्मान व्यक्त किया। यह भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरी मित्रता को रेखांकित करने का प्रतीकात्मक कदम था।
मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दो दिवसीय राजकीय यात्रा में PM मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। वार्ता में 'विकसित भारत 2047' और 'उज्बेकिस्तान 2030' के साझा विजन के अलावा व्यापार, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा होगी।
क्या यह मोदी की पहली उज्बेकिस्तान यात्रा है?
नहीं, यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। उन्होंने स्वयं इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति का प्रमाण बताया है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत क्यों किया?
राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव का स्वयं हवाई अड्डे पर आकर स्वागत करना पिछले 12 वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़ी घनिष्ठता को दर्शाता है। यह कूटनीतिक प्रोटोकॉल में एक विशेष सम्मान माना जाता है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंध किन क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं?
दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी तेज़ी से बढ़ रही है। इस यात्रा में इन्हीं क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर ज़ोर दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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