मोदी की ताशकंद यात्रा: उज्बेकिस्तान के छात्रों ने एक्स पर किया दिल जीतने वाला स्वागत, SCO शिखर सम्मेलन भी एजेंडे में
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त 2026 को उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हुए। रवानगी से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावपूर्ण वीडियो साझा किया, जिसमें ताशकंद के छात्र-छात्राएं हिंदी में उनका स्वागत करते और भारत-उज्बेकिस्तान के गहरे संबंधों की चर्चा करते नजर आए। यह मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है।
वीडियो में क्या था
एक्स पर साझा किए गए वीडियो में उज्बेकिस्तान के छात्र-छात्राएं कहते दिखे — 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, ताशकंद की धरती पर आपका स्वागत है। हम आपके ताशकंद आने का इंतजार कर रहे हैं।' कुछ छात्रों ने भारत और उज्बेकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों पर भी प्रकाश डाला। वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता को रेखांकित करता है।
ताशकंद यात्रा का एजेंडा
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 29 से 30 अगस्त तक ताशकंद में रहेंगे। इस दौरान दोनों नेता प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। व्यापार व निवेश, रक्षा, डिजिटल संपर्क, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा होगी। दोनों नेता विकसित भारत और उज्बेकिस्तान-2030 के साझा विकास लक्ष्यों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद स्थित शास्त्री स्मारक तथा ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी केंद्र का दौरा भी करेंगे — जो भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीक है।
SCO शिखर सम्मेलन और बिश्केक दौरा
ताशकंद के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे। वहाँ 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह आयोजन SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है। भारत 2017 से इस संगठन का पूर्ण सदस्य है।
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी सुरक्षा, संपर्क और अवसरों पर भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे। वे SCO सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इसके अलावा, वे मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने वाले छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों का संदर्भ
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत मध्य एशिया के साथ अपनी 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को गति दे रहा है। गौरतलब है कि मोदी की यह उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। इस यात्रा से व्यापार और रक्षा सहयोग के नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है।
आने वाले दिनों में SCO मंच पर भारत की स्थिति और मध्य एशिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों की दिशा स्पष्ट होगी।