PM मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा: 11 साल बाद ताशकंद यात्रा, व्यापार-रक्षा समेत बहुआयामी एजेंडे पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी उज्बेकिस्तान दौरे को भारत की उज्बेकिस्तान में राजदूत स्मिता पंत ने 'अत्यंत महत्वपूर्ण' करार दिया है। 28 अगस्त को ताशकंद में बोलते हुए राजदूत पंत ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की नींव को और सुदृढ़ करेगा और भविष्य की दिशा निर्धारित करेगा। यह 11 वर्षों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान की द्विपक्षीय यात्रा है।
दौरे का पृष्ठभूमि और महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार 2015 में उज्बेकिस्तान का दौरा किया था। राजदूत पंत के अनुसार, उस दौरे के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है — द्विपक्षीय व्यापार में 300 प्रतिशत और निवेश में 700 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी, जो उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही है।
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है और कनेक्टिविटी तथा महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
बहुआयामी एजेंडा: व्यापार से लेकर अंतरिक्ष तक
राजदूत पंत ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ मृदा, विकास सहयोग, सांस्कृतिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय व भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श होगा।
व्यापार विस्तार की संभावनाएँ
वर्तमान में भारत-उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर है। राजदूत पंत ने संकेत दिया कि भारत सर्जिकल उपकरण, चिकित्सा उपकरण और मशीनरी के निर्यात को बढ़ा सकता है, जबकि उज्बेकिस्तान से प्राकृतिक संसाधनों और मूल्यवर्धित उत्पादों के आयात की संभावनाएँ तलाशी जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उज्बेकिस्तान भारत के लिए चिकित्सा पर्यटन का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है और बड़ी संख्या में भारतीय छात्र यहाँ मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंध
राजदूत ने डिजिटल कनेक्टिविटी को भी एजेंडे का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी से द्विपक्षीय व्यापार को और गति मिल सकती है। पंत ने 'दिलों की कनेक्टिविटी' का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान में भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा अनुराग है और दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों पुराना रिश्ता है।
आगे क्या होगा
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय राजकीय दौरे पर ताशकंद पहुँचेंगे और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ शिखर वार्ता करेंगे। इस दौरान व्यापार, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा होगी और आगे की राह के लिए एजेंडा तय किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।