नेपाल बाढ़ राहत: भारत की तीसरी उड़ान काठमांडू पहुंची, 11 सदस्यीय मेडिकल-टनल रेस्क्यू टीम साथ
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार, 28 अगस्त को जानकारी दी कि भारत की राहत सामग्री और 11 सदस्यीय मेडिकल एवं टनल रेस्क्यू टीम के साथ तीसरी उड़ान काठमांडू पहुंच गई है। विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे नेपाल को यह भारत की ओर से लगातार तीसरे दिन की मानवीय मदद है।
तीसरी उड़ान में क्या था
इस उड़ान में 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी गई, जिसमें पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाने के पैकेट और पानी शुद्ध करने वाली गोलियाँ शामिल थीं। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की मदद वाली तीसरी फ्लाइट काठमांडू पहुंच गई है। राहत का सामान और 11 सदस्यों वाली मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम अब वहां पहुंच चुकी है।"
राहत अभियान का क्रमिक विवरण
बुधवार को भारत ने पहली खेप के रूप में 10 टन मानवीय आपदा राहत (HADR) सामग्री और आवश्यक दवाएं नेपाल भेजीं। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार देर शाम नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को यह सामग्री सौंपी।
गुरुवार को दूसरी खेप में 37.5 टन HADR सामग्री, दवाएं और खाने के पैकेट भेजे गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, "भारत की ओर से मदद का हाथ। नेपाल में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 37.5 टन एचएडीआर सामग्री, दवाओं और खाने के पैकेट की दूसरी खेप विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।"
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
गुरुवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ नेपाल की बाढ़ स्थिति पर समीक्षा बैठक की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी भारतीयों की स्थिति और सलामती का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं।"
आम जनता और भारतीय नागरिकों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल की विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई भारतीय नागरिकों के फँसे होने की आशंका है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह नेपाल और वहाँ के लोगों के साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि भारत की ओर से तीन दिनों में तीन उड़ानें और कुल 57.5 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। विशेषज्ञ टनल रेस्क्यू टीम की तैनाती इस बात का संकेत है कि बाढ़ के कारण भूस्खलन और सुरंग-संबंधी आपात स्थितियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। आने वाले दिनों में राहत अभियान के और विस्तार की संभावना है।