27 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़ राहत: भारत ने भेजी 37.5 टन सामग्री की दूसरी खेप, जयशंकर ने दी जानकारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़ राहत: भारत ने भेजी 37.5 टन सामग्री की दूसरी खेप, जयशंकर ने दी जानकारी

सारांश

भोटेकोसी नदी में हिमस्खलन से उपजी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के आठ जिलों में तबाही मचाई और 162 लोगों की जान ली। भारत ने 48 घंटे में दो उड़ानों के जरिए कुल 47.5 टन राहत सामग्री भेजकर पड़ोसी देश के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया।

मुख्य बातें

भारत ने 28 अगस्त को नेपाल के लिए 37.5 टन HADR सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य पैकेट लेकर दूसरी उड़ान रवाना की।
इससे पहले बुधवार को 10 टन की पहली खेप राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी।
भोटेकोसी नदी में हिमस्खलन से उपजी फ्लैश फ्लड में गुरुवार सुबह तक 162 शव बरामद।
प्रभावित जिलों में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुँ और दोनों नवलपरासी शामिल।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर राहत अभियान की जानकारी दी और निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 28 अगस्त 2026 को बताया कि नेपाल की भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत अभियान की दूसरी खेप रवाना कर दी है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य पैकेट शामिल हैं। इससे एक दिन पहले बुधवार को भेजी गई 10 टन की पहली खेप के बाद यह भारत का नेपाल के प्रति निरंतर एकजुटता का स्पष्ट संकेत है।

राहत अभियान का विवरण

जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी है। दूसरी उड़ान भी नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में है तथा हर संभव सहयोग जारी रखा जाएगा।

पहली खेप की औपचारिक सुपुर्दगी

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को 10 टन की पहली राहत खेप औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सामग्री शामिल थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'भारत ने दोहराया है कि वह इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और चल रहे राहत प्रयासों को पूरा समर्थन देता रहेगा।'

बाढ़ की तबाही: 162 शव बरामद

गुरुवार सुबह तक की जानकारी के अनुसार, भोटेकोसी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड में 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस के एक नोटिस के अनुसार ये शव भोटेकोसी और त्रिशूल नदी प्रणालियों के निचले इलाकों में नदी किनारों से मिले हैं। प्रभावित जिलों में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुँ, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं।

आपदा कैसे आई

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया। सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के निकट रसुवागढ़ी क्षेत्र का तिमुरे गाँव इसकी चपेट में आया। रिपोर्ट के अनुसार उस समय इलाके में बारिश नहीं हो रही थी, इसलिए स्थानीय लोगों को इस आपदा का कोई पूर्वाभास नहीं था और वे अपनी दिनचर्या में लगे हुए थे।

आगे क्या

भारत ने स्पष्ट किया है कि राहत अभियान जारी रहेगा और नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय बना रहेगा। बचाव कार्य अभी भी जारी हैं और लापता लोगों की तलाश कई जिलों में चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित कूटनीतिक संदेश भी है — खासकर तब, जब नेपाल में चीन की बढ़ती उपस्थिति एक स्थायी भू-राजनीतिक वास्तविकता बन चुकी है। गौरतलब है कि यह आपदा नेपाल-चीन सीमा के निकट रसुवागढ़ी क्षेत्र में आई, जो भारत की सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत यह प्रतिक्रिया अपेक्षित थी, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि पुनर्निर्माण चरण में भारत की भागीदारी कितनी ठोस और दीर्घकालिक साबित होती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए क्या-क्या भेजा है?
भारत ने दो उड़ानों के जरिए कुल 47.5 टन सहायता भेजी है — बुधवार को 10 टन और गुरुवार को 37.5 टन। इसमें HADR सामग्री, दवाइयाँ और खाद्य पैकेट शामिल हैं।
भोटेकोसी नदी में बाढ़ क्यों आई?
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, भोटेकोसी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया, जिससे अचानक फ्लैश फ्लड आई। उस समय इलाके में बारिश नहीं हो रही थी, इसलिए लोगों को कोई पूर्व चेतावनी नहीं मिली।
नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
गुरुवार सुबह तक पुलिस के अनुसार 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। ये शव भोटेकोसी और त्रिशूल नदी प्रणालियों के किनारे आठ जिलों से मिले हैं।
नेपाल बाढ़ से कौन-से जिले प्रभावित हुए हैं?
रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुँ, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) — ये आठ जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए गए हैं।
भारत ने नेपाल को राहत सामग्री किसके माध्यम से सौंपी?
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने पहली खेप औपचारिक रूप से नेपाल के मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। दूसरी खेप की जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर साझा की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 5 घंटे पहले
  5. 6 घंटे पहले
  6. 14 घंटे पहले
  7. 15 घंटे पहले
  8. 19 घंटे पहले