27 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत का फ्लेक्स वर्कस्पेस बाज़ार: जनवरी-जून 2026 में 1,91,306 सीटें लीज, 68.4% की रिकॉर्ड वृद्धि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत का फ्लेक्स वर्कस्पेस बाज़ार: जनवरी-जून 2026 में 1,91,306 सीटें लीज, 68.4% की रिकॉर्ड वृद्धि

सारांश

भारत का फ्लेक्स वर्कस्पेस बाज़ार 2026 की पहली छमाही में नई ऊँचाइयों पर पहुँचा — 1,91,306 सीटें लीज और 8.4 MSF का रिकॉर्ड GLV। GCC की हिस्सेदारी 44% तक पहुँची, और अहमदाबाद में 570% की छलाँग बताती है कि फ्लेक्स क्रांति अब महानगरों से आगे बढ़ रही है।

मुख्य बातें

भारत के शीर्ष 8 शहरों में फ्लेक्स ऑपरेटरों ने 2026 की पहली छमाही में 1,91,306 सीटें लीज पर दीं — सालाना 68.4% की वृद्धि।
ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम 8.4 MSF रहा, जो इस सेगमेंट का अब तक का उच्चतम छमाही स्तर है और सालाना 55%+ की बढ़ोतरी दर्शाता है।
GCC की कुल सीट लीजिंग में हिस्सेदारी 44% रही, जो 2025 के 37% से अधिक है।
बेंगलुरु शीर्ष पर ( 57,487 सीटें , 30% हिस्सेदारी); हैदराबाद दूसरे स्थान पर ( 40,451 सीटें , 170.8% वृद्धि)।
अहमदाबाद में सबसे तेज़ वृद्धि — सालाना आधार पर 570.3% की बढ़ोतरी।
कुल ऑफिस लीजिंग में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी 20% , जो 2025 की पहली छमाही से 13% अधिक।

भारत के शीर्ष आठ शहरों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में 1,91,306 सीटें लीज पर दीं — सालाना आधार पर 68.4 प्रतिशत की वृद्धि। कुशमैन एंड वेकफील्ड की 27 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह इस सेगमेंट का अब तक का सबसे मज़बूत छमाही प्रदर्शन है।

रिकॉर्ड ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम

फ्लेक्स ऑपरेटरों ने इस अवधि में 8.4 मिलियन वर्ग फुट (MSF) का ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम (GLV) दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 55 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है। यह किसी भी छमाही में इस सेगमेंट का उच्चतम स्तर है।

कुल ऑफिस लीजिंग गतिविधि — जो इस दौरान लगभग 43 MSF रही — में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत रही। यह 2025 की पहली छमाही के मुकाबले 13 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, इस उछाल की मुख्य वजह एंटरप्राइजेज, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और लचीले कार्यस्थल की तलाश करने वाली कंपनियों की निरंतर माँग रही।

GCC की बढ़ती भूमिका

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) फ्लेक्स वर्कस्पेस सेगमेंट में माँग का सबसे बड़ा स्रोत बने रहे। कुल सीट लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही, जो 2025 में दर्ज 37 प्रतिशत से अधिक है। यह GCC के बढ़ते विस्तार और भारत में उनकी स्थायी उपस्थिति को रेखांकित करता है।

शहर-दर-शहर प्रदर्शन

बेंगलुरु एक बार फिर भारत के सबसे बड़े फ्लेक्स मार्केट के रूप में शीर्ष पर रहा। यहाँ 57,487 सीटें लीज पर दी गईं, जो कुल सीट लीजिंग का 30 प्रतिशत है और सालाना आधार पर 31.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

हैदराबाद 40,451 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और यहाँ सालाना आधार पर 170.8 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई, जिसे टेक्नोलॉजी कंपनियों और GCC की माँग ने गति दी।

मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में लीजिंग वॉल्यूम में क्रमशः 130 प्रतिशत और 152.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पुणे में सीटों की माँग 27.8 प्रतिशत बढ़ी, जबकि चेन्नई में 3.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सबसे तेज़ वृद्धि अहमदाबाद में देखी गई, जहाँ अपेक्षाकृत छोटे आधार पर सालाना आधार पर 570.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई — यह संकेत देता है कि टियर-1 के बाहर भी फ्लेक्स स्पेस की माँग तेज़ी से पैर पसार रही है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

कुशमैन एंड वेकफील्ड की एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर (बेंगलुरु) और हेड-फ्लेक्स, इंडिया, रमीता अरोड़ा ने कहा, 'आज कारोबार अत्यधिक कस्टमाइज्ड और बेहतर अनुभव देने वाले वर्कप्लेस की तलाश कर रहे हैं। फ्लेक्स ऑपरेटर तेज़ी से ऐसे विशेष वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं, जो वैश्विक ऑफिस मानकों, ब्रांड पहचान और कार्यस्थल संस्कृति के अनुरूप हैं।'

टेक्नोलॉजी-आधारित वर्कप्लेस अनुभव, वेलनेस-केंद्रित डिज़ाइन और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए ये समाधान उद्यमों और GCC दोनों के बीच फ्लेक्स वर्कस्पेस की लोकप्रियता बढ़ा रहे हैं।

बाज़ार की परिपक्वता और आगे की राह

सूचीबद्ध फ्लेक्स ऑपरेटरों की बढ़ती मौजूदगी से बाज़ार में पारदर्शिता, बेहतर गवर्नेंस मानक और कारोबारों का भरोसा मज़बूत हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रवृत्ति भारत के फ्लेक्स वर्कस्पेस मार्केट के क्रमिक परिपक्वता की ओर बढ़ने का संकेत है। यदि GCC विस्तार और एंटरप्राइज़ माँग की यही रफ़्तार बनी रही, तो 2026 की दूसरी छमाही में भी इस सेगमेंट का प्रदर्शन मज़बूत रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी GCC की बढ़ती निर्भरता में छिपी है — कुल माँग का 44% हिस्सा अब GCC से आ रहा है, जो बाज़ार की विविधता के लिए एक सवाल खड़ा करता है। यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते GCC विस्तार धीमा पड़ा, तो यह एकाग्रता जोखिम बन सकती है। अहमदाबाद की 570% की उछाल उत्साहजनक है, परंतु छोटे आधार पर बड़ी प्रतिशत वृद्धि टिकाऊ माँग की गारंटी नहीं देती। भारत के फ्लेक्स बाज़ार की वास्तविक परिपक्वता तब सिद्ध होगी जब माँग GCC से आगे घरेलू SME और स्टार्टअप इकोसिस्टम तक फैले।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के फ्लेक्स वर्कस्पेस सेगमेंट में 2026 की पहली छमाही में कितनी वृद्धि हुई?
कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शीर्ष 8 शहरों में फ्लेक्स ऑपरेटरों ने 2026 की पहली छमाही में 1,91,306 सीटें लीज पर दीं, जो सालाना आधार पर 68.4% की वृद्धि है। ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम 8.4 MSF के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा।
फ्लेक्स वर्कस्पेस की माँग में GCC की क्या भूमिका है?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) फ्लेक्स वर्कस्पेस माँग के सबसे बड़े स्रोत हैं। 2026 की पहली छमाही में कुल सीट लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 44% रही, जो 2025 के 37% से अधिक है।
फ्लेक्स स्पेस में कौन-सा शहर सबसे आगे रहा?
बेंगलुरु 57,487 सीटों (कुल का 30%) के साथ भारत का सबसे बड़ा फ्लेक्स मार्केट बना रहा। हैदराबाद 40,451 सीटों और 170.8% वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि अहमदाबाद में सबसे तेज़ 570.3% की वृद्धि दर्ज की गई।
फ्लेक्स वर्कस्पेस की लोकप्रियता क्यों बढ़ रही है?
कंपनियाँ कस्टमाइज़्ड, टेक्नोलॉजी-सक्षम और वेलनेस-केंद्रित कार्यस्थलों की तलाश में हैं। फ्लेक्स ऑपरेटर वैश्विक ऑफिस मानकों और ब्रांड पहचान के अनुरूप समाधान दे रहे हैं, जो एंटरप्राइजेज और GCC दोनों को आकर्षित कर रहे हैं।
कुल ऑफिस लीजिंग में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी कितनी है?
2026 की पहली छमाही में लगभग 43 MSF की कुल ऑफिस लीजिंग गतिविधि में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी करीब 20% रही, जो 2025 की पहली छमाही से 13 प्रतिशत अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले