नेपाल बाढ़ राहत: भारत ने भेजे 10 टन HADR सामग्री और दवाएं, IAF का C-130J रवाना
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने 26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के मद्देनज़र 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री और आवश्यक दवाएं तत्काल रवाना कीं। भारतीय वायु सेना का C-130J विमान यह राहत खेप लेकर नेपाल के लिए उड़ा, जिसमें अस्थायी आश्रय सामग्री, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और ज़रूरी दवाएं शामिल हैं। क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के प्रति 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभाते हुए यह भारत की त्वरित मानवीय प्रतिक्रिया का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
रसुवा ज़िले में भोटे कोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने व्यापक तबाही मचाई है। कई लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने पुष्टि की है कि त्रासदी का दायरा बहुत बड़ा है और कई विदेशी नागरिक भी लापता हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति भारत की संवेदनाएं हैं और इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया और हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिलाया।
मोदी ने एक्स पर लिखा, 'भारत के लोग इस कठिन घड़ी में नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत राहत और बचाव कार्यों के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है और दोनों देशों की टीमें समन्वय के साथ काम कर रही हैं।'
वायु सेना की तैनाती
भारतीय वायु सेना ने एक्स पर पुष्टि की कि C-130J के अतिरिक्त C-17 विमानों के ज़रिए और राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी। साथ ही बचाव अभियानों और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। वायु सेना ने कहा, 'आसमान से ज़मीन तक, तेज़ी, फुर्ती और सटीकता के साथ काम करते हुए, सबसे ज़्यादा ज़रूरत के समय उम्मीद पहुंचाना।'
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि नेपाल में मानसून के दौरान फ्लैश फ्लड की घटनाएं बार-बार होती हैं और भारत-नेपाल सीमा की निकटता के कारण राहत पहुंचाना अपेक्षाकृत तेज़ होता है। नेपाल दूतावास ने बताया कि अभी प्राथमिकता खोज एवं बचाव अभियान और प्रभावितों तक सहायता पहुंचाने की है।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, स्थिति के आकलन के बाद अतिरिक्त राहत खेप भी भेजी जा सकती है। दोनों देशों की टीमें समन्वय के साथ बचाव अभियान चला रही हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।