दिल्ली में H1N1 के 2,446 मामले: स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने अस्पतालों को आइसोलेशन बेड और फ्लू कॉर्नर बनाने के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को राज्य सरकार के विभिन्न अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर (एमडी) और मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) के साथ एक वर्चुअल समीक्षा बैठक की, जिसमें एच1एन1, मौसमी इन्फ्लूएंजा और श्वसन संबंधी अन्य बीमारियों से निपटने की तैयारियों का गहन मूल्यांकन किया गया। राजधानी में पिछले 24 घंटों में एच1एन1 के 138 नए मामले दर्ज हुए हैं, जिससे वर्ष 2026 में दिल्ली में कुल मामलों की संख्या 2,446 तक पहुँच गई है। इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव, विशेष सचिव और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।
मुख्य घटनाक्रम और आँकड़े
स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इन्फ्लूएंजा-ए के कुल 3,177 मामले अब तक दर्ज किए जा चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद का मौसम श्वसन संक्रमणों के प्रसार के लिए अनुकूल माना जाता है। गौरतलब है कि एच1एन1 वायरस, जिसे स्वाइन फ्लू भी कहा जाता है, बच्चों, बुजुर्गों और कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए विशेष रूप से जोखिमकारक होता है।
अस्पतालों को जारी निर्देश
समीक्षा बैठक में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सभी सरकारी अस्पतालों को कम से कम 5 आइसोलेशन बेड तैयार रखने के निर्देश दिए, जबकि बड़े अस्पतालों में 10 या उससे अधिक आइसोलेशन बेड सुनिश्चित करने को कहा गया। इमरजेंसी विभागों में समर्पित 'फ्लू कॉर्नर' स्थापित करने और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश भी जारी किए गए। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की 24 घंटे उपलब्धता के लिए शिफ्टवार ड्यूटी रोस्टर बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
संदिग्ध मरीज़ों की तत्काल जाँच और आवश्यकता पड़ने पर स्वैब सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेजने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) और नमूना संग्रह के लिए आवश्यक अन्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो।
दवाओं की उपलब्धता और आपूर्ति
बैठक में दवाओं की उपलब्धता की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दवाओं के स्टॉक पर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने और कमी की स्थिति में स्थानीय स्तर पर खरीद करने की छूट दी गई, ताकि मरीज़ों की देखभाल में किसी प्रकार की बाधा न आए। बच्चों और बुजुर्गों को संवेदनशील वर्ग मानते हुए उनकी समय पर जाँच और उचित देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
जन जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों के आपातकालीन विभागों और अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में इन्फ्लूएंजा के लक्षणों, बचाव के उपायों और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने के बारे में स्पष्ट और सुदृश्य बैनर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से श्वसन स्वच्छता का पालन करने, सही तरीके से मास्क पहनने, हाथों की नियमित सफाई करने, खाँसते-छींकते समय सावधानी बरतने और लक्षण होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की अपील की।
आम जनता पर असर और आगे की राह
बैठक के बाद डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा, 'यह बैठक सिर्फ निर्देश देने के लिए नहीं थी, बल्कि हमारे अस्पतालों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। हमने बेड, टेस्टिंग सुविधाओं, दवाओं और इमरजेंसी सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की है ताकि मरीज़ों की देखभाल में कोई कमी न रहे।' उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक घबराहट से बचने की अपील की और कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परीक्षण और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जिन नागरिकों में फ्लू जैसे लक्षण दिखें — विशेषकर जो उच्च जोखिम वाले समूहों में आते हैं — उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें और स्व-चिकित्सा से बचें। स्वास्थ्य विभाग इन्फ्लूएंजा के रुझान और अस्पतालों की तैयारियों पर निरंतर निगरानी रख रहा है।