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नेपाल बाढ़ त्रासदी: PM मोदी ने PM बालेंद्र शाह से की बात, हर संभव मानवीय सहायता का दिया आश्वासन

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नेपाल बाढ़ त्रासदी: PM मोदी ने PM बालेंद्र शाह से की बात, हर संभव मानवीय सहायता का दिया आश्वासन

सारांश

नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की फ्लैश फ्लड ने 384 यात्रियों को लापता कर दिया — जिनमें 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। PM मोदी ने PM बालेंद्र शाह से बात कर भारत की पूर्ण मानवीय सहायता का भरोसा दिया। खराब मौसम बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के PM बालेंद्र शाह से बातचीत कर हर संभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया।
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई फ्लैश फ्लड से 384 यात्री लापता, जिनमें 291 विदेशी और 105 भारतीय नागरिक शामिल।
भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +9779851316807 और +9779709107500 जारी किए।
खराब मौसम के कारण तीन राहत हेलीकॉप्टर काठमांडू वापस लौटे; बचाव अभियान बाधित।
काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन की ओर वाहनों की आवाजाही रोकी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड से हुई जान-माल की हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की। मोदी ने इस आपदा की घड़ी में भारत की ओर से नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का स्पष्ट आश्वासन दिया।

PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) खाते पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार तड़के अचानक जलस्तर बढ़ने से भोटेकोशी नदी उफान पर आ गई और तटीय इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए।

लापता यात्रियों का आँकड़ा

नेपाल पर्यटन विभाग के अनुसार, बाढ़ के बाद कुल 384 यात्री लापता हो गए हैं। इनमें से 291 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। विभिन्न टूरिज्म एजेंसियों के हवाले से जारी आँकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में भारत के 105 नागरिक शामिल हैं — एक एजेंसी के अनुसार 59 और दूसरी के अनुसार 46 भारतीय नागरिकों की अलग-अलग गणना सामने आई है।

गौरतलब है कि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों की जानकारी और सहायता के लिए दो आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर — +9779851316807 और +9779709107500 — जारी किए हैं।

बचाव अभियान और मौसम की बाधा

नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा में राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजे गए हैं। हालाँकि, स्थानीय मीडिया आउटलेट कांतिपुर न्यूज के अनुसार, खराब मौसम के कारण एल्टीट्यूड एयर, एयर डायनेस्टी और अन्नपूर्णा हेलीकॉप्टर्स के तीन राहत हेलीकॉप्टर रास्ते से वापस काठमांडू लौटने पर मजबूर हो गए। काठमांडू एयरपोर्ट ने पुष्टि की कि प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त हेलीकॉप्टर भेजना फिलहाल संभव नहीं है।

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग और पर्यटन मंत्री खड़गराज पौडेल त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से राहत उड़ानों का समन्वय कर रहे हैं।

यातायात पर प्रतिबंध और एडवाइजरी

एहतियात के तौर पर काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है। गृह मंत्री गुरुंग ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे तथा मुग्लिन के आसपास रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक पुष्टि के बिना वे आपदाग्रस्त इलाकों की ओर न बढ़ें। आने वाले दिनों में बचाव अभियान की गति मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीन पर की जाने वाली कार्रवाई से होगी — खासकर तब जब 105 भारतीय नागरिकों का अता-पता नहीं है। मौसम की बाधा और हेलीकॉप्टरों की वापसी यह दर्शाती है कि राहत अभियान अभी भी प्रारंभिक और अनिश्चित अवस्था में है। भारतीय दूतावास द्वारा हेल्पलाइन जारी करना सही कदम है, लेकिन परिजनों को अभी भी ठोस जानकारी का इंतज़ार है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपदा-पूर्व चेतावनी प्रणाली की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर करती है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में आई बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक लापता हैं?
नेपाल पर्यटन विभाग के आँकड़ों के अनुसार, भोटेकोशी नदी की फ्लैश फ्लड में कुल 384 लापता यात्रियों में से 105 भारतीय नागरिक हैं। विभिन्न टूरिज्म एजेंसियों के हवाले से यह संख्या 59 और 46 के रूप में अलग-अलग दर्ज की गई है।
PM मोदी ने नेपाल के लिए क्या मदद का आश्वासन दिया?
PM मोदी ने नेपाल के PM बालेंद्र शाह से बातचीत में कहा कि भारत हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें बचाव व राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।
नेपाल में फँसे भारतीय नागरिक मदद के लिए किस नंबर पर संपर्क करें?
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने दो आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: +9779851316807 और +9779709107500। भारतीय नागरिक या उनके परिजन इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
नेपाल बाढ़ में बचाव अभियान क्यों बाधित हो रहा है?
खराब मौसम के कारण राहत सामग्री लेकर जा रहे तीन हेलीकॉप्टर — एल्टीट्यूड एयर, एयर डायनेस्टी और अन्नपूर्णा हेलीकॉप्टर्स — रसुवा पहुँचने से पहले ही काठमांडू वापस लौट आए। काठमांडू एयरपोर्ट के अनुसार प्रतिकूल मौसम बचाव उड़ानों में सबसे बड़ी बाधा है।
नेपाल बाढ़ के बाद कौन-से रास्ते बंद किए गए हैं?
काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे तथा मुग्लिन क्षेत्र के निवासियों और पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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