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क्या पीएम मोदी ने उत्तरकाशी त्रासदी पर संवेदना व्यक्त की?

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क्या पीएम मोदी ने उत्तरकाशी त्रासदी पर संवेदना व्यक्त की?

सारांश

उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही के बीच, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना और सहायता की प्रतिबद्धता जताई। राज्य और केंद्रीय टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जानें इस त्रासदी के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

उत्तरकाशी में तबाही के प्रभावी प्रबंधन हेतु सरकार सक्रिय है।
राहत कार्य में सभी एजेंसियां एकजुट होकर काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता मदद में जुटे हैं।
सेना और अन्य बल राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

नई दिल्ली, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से उत्पन्न भारी तबाही के बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सभी पीड़ितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं।

पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तरकाशी हादसे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एक्स पर लिखा, "उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली। आईटीबीपी की निकटतम 3 टीमों को वहां भेज दिया गया है, साथ ही एनडीआरएफ की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं, जो शीघ्र पहुंचकर बचाव कार्य में लगेंगी।"

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तरकाशी त्रासदी पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "उत्तराखंड में उत्तरकाशी स्थित धराली गांव में अचानक बादल फटने से कई लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है। पीड़ितों की तत्काल सहायता के लिए उत्तराखंड सरकार समेत राहत बचाव दल पूरी तत्परता के साथ जुटा हुआ है। इस संकट की घड़ी में प्रदेश के सभी भाजपा कार्यकर्ता पीड़ितों की हरसंभव मदद के लिए संलग्न हैं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं ईश्वर से इस भयावह दुर्घटना से प्रभावित सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।"

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "उत्तरकाशी (उत्तराखंड) में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के विचलित करने वाले दृश्य देखे हैं। इस त्रासदी से प्रभावित लोगों की कुशलता की कामना करता हूं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं और बहुमूल्य जीवन बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं।"

इस बीच, भारतीय सेना की सूर्या कमान ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर त्रासदी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हर्षिल के पास खीरगढ़ क्षेत्र के धराली गांव में एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे बस्ती में अचानक मलबा और पानी का बहाव शुरू हो गया। आइबेक्स ब्रिगेड के जवानों को तुरंत तैनात किया गया और वे स्थिति का आकलन करने और बचाव अभियान चलाने के लिए प्रभावित स्थल पर पहुंच गए। भारतीय सेना के साथ, पुलिस, अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) भी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हमें मिलकर सभी प्रभावितों की सहायता करनी चाहिए।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरकाशी में क्या हुआ?
उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही हुई है, जिसमें कई लोगों के प्रभावित होने की सूचना है।
सरकार राहत कार्य में क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने राहत और बचाव की टीमें तैनात की हैं, जो प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचा रही हैं।
कौन से मंत्री इस स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर अपनी संवेदना व्यक्त की है।
क्या स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं?
हां, प्रदेश के सभी भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पीड़ितों की सहायता में जुटे हुए हैं।
क्या भारतीय सेना भी मदद कर रही है?
जी हां, भारतीय सेना राहत और बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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