26 अगस्त 2026
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भोटेकोशी फ्लैश फ्लड: नेपाल के PM बालेंद्र शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, राहत-बचाव को लेकर सख्त निर्देश

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भोटेकोशी फ्लैश फ्लड: नेपाल के PM बालेंद्र शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, राहत-बचाव को लेकर सख्त निर्देश

सारांश

चीन सीमा से सटे रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के PM बालेंद्र शाह ने आपात बैठक बुलाई। WHO 1,000 लोगों के लिए दवाएँ और 15 इमरजेंसी टेंट भेज रहा है, जबकि काठमांडू के अस्पतालों में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं।

मुख्य बातें

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने 26 अगस्त को भोटेकोशी फ्लैश फ्लड के बाद उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई।
रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के सांसदों के साथ बाढ़ नुकसान और राहत कार्यों की समीक्षा की गई।
WHO 1,000 लोगों के लिए दवाएँ और 15 इमरजेंसी टेंट (24 वर्ग मीटर) भेज रहा है।
काठमांडू के बीर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में 100 इमरजेंसी बेड आरक्षित।
अब तक तीन घायल लोगों को बचाकर काठमांडू लाया गया।
निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सावधानी और विस्थापितों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश जारी।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने 26 अगस्त 2026 को रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई। चीन सीमा से सटे इलाकों में बुधवार तड़के आए इस फ्लैश फ्लड ने व्यापक तबाही मचाई, जिसके बाद सरकार ने बचाव और राहत अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।

उच्चस्तरीय बैठक में क्या हुआ

सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में आयोजित बैठक में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के संघीय सांसदों ने हिस्सा लिया। बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय बस्तियों की स्थिति और जारी बचाव अभियान की समीक्षा की गई। इससे पहले प्रधानमंत्री शाह ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी बुलाई, जिसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ताज़ा स्थिति और खोज-बचाव कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश

प्रधानमंत्री शाह ने सांसदों के साथ चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार पीड़ित नागरिकों की सुरक्षा और राहत के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान के अनुसार, निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने और विस्थापित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी नागरिकों और संस्थाओं से आग्रह किया कि वे इस आपदा की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपने-अपने स्तर पर योगदान दें।

WHO और स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाढ़ पीड़ितों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री भेजने की घोषणा की है। स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता से बातचीत के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि WHO 1,000 लोगों के लिए बुनियादी दवाएँ और स्वास्थ्य उपकरण भेज रहा है। इसके अतिरिक्त प्रभावित इलाकों में 24 वर्ग मीटर आकार के 15 इमरजेंसी टेंट भी भेजे जा रहे हैं।

अस्पताल और बचाव समन्वय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि काठमांडू के बीर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में बाढ़ पीड़ितों के लिए 100 इमरजेंसी बेड आरक्षित किए गए हैं। अब तक तीन घायल लोगों को बचाकर काठमांडू लाया जा चुका है। इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फेडरल अस्पताल, ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेंटर, बागमती और गण्डकी प्रांत के स्वास्थ्य विभागों के साथ-साथ नेपाल रेड क्रॉस, लायंस और नेपाल स्काउट्स के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

आगे की स्थिति

यह आपदा ऐसे समय में आई है जब नेपाल मानसून के चरम पर है और चीन सीमा से सटे पहाड़ी ज़िले पहले से ही बाढ़ और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं। गौरतलब है कि भोटेकोशी नदी बेसिन में इससे पहले भी कई बार विनाशकारी फ्लैश फ्लड दर्ज हो चुके हैं। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निरंतर निगरानी का आश्वासन दिया है और आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर मानसून में दोहराई जाने वाली यह त्रासदी बताती है कि पूर्व-चेतावनी प्रणाली और नदी तटीय बस्तियों के स्थायी पुनर्वास पर ठोस नीतिगत कदम अभी भी अधूरे हैं। WHO और नेपाल सरकार का समन्वय सराहनीय है, पर राहत की तात्कालिकता के साथ-साथ जवाबदेही का सवाल भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोटेकोशी फ्लैश फ्लड क्या है और यह कब आया?
भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त 2026 को बुधवार तड़के अचानक विनाशकारी बाढ़ आई, जो चीन सीमा से सटे नेपाल के रसुवा ज़िले में भारी तबाही का कारण बनी। यह फ्लैश फ्लड मानसून के चरम काल में आई और कई तटीय बस्तियाँ प्रभावित हुईं।
नेपाल के PM बालेंद्र शाह ने बाढ़ के बाद क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सिंह दरबार में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जिसमें प्रभावित ज़िलों के सांसदों के साथ राहत-बचाव की समीक्षा की गई। उन्होंने आपदा जोखिम न्यूनीकरण परिषद की बैठक भी बुलाई और निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सावधानी तथा विस्थापितों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश दिए।
WHO नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या सहायता दे रहा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) 1,000 लोगों के लिए बुनियादी दवाएँ और स्वास्थ्य उपकरण भेज रहा है। इसके साथ ही 24 वर्ग मीटर आकार के 15 इमरजेंसी टेंट भी प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों के इलाज के लिए काठमांडू में क्या व्यवस्था की गई है?
काठमांडू के बीर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में बाढ़ पीड़ितों के लिए 100 इमरजेंसी बेड आरक्षित किए गए हैं। अब तक तीन घायल लोगों को बचाकर काठमांडू लाया जा चुका है और फेडरल अस्पताल, ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेंटर तथा नेपाल रेड क्रॉस सहित कई संस्थाओं के साथ समन्वय जारी है।
भोटेकोशी बाढ़ से कौन-से ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन ज़िले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन्हीं ज़िलों के संघीय सांसदों के साथ प्रधानमंत्री शाह ने आपात बैठक में स्थिति की समीक्षा की।
राष्ट्र प्रेस
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