शी चिनफिंग के बाढ़ राहत निर्देश: क्वांगसी, हपेई, गानसू में बांध टूटे, भारी जानमाल का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव, राष्ट्रपति और चीनी सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने 7 जुलाई को बाढ़ की रोकथाम और आपदा राहत कार्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण क्वांगसी, हपेई, गानसू सहित कई क्षेत्रों में बांध टूटने और भूस्खलन जैसी गंभीर आपदाएँ आई हैं, जिनसे भारी जानमाल की क्षति हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
शी चिनफिंग ने स्पष्ट किया कि क्वांगसी, हपेई और गानसू में हाल की प्राकृतिक आपदाओं ने स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि जानमाल का नुकसान कम करने और अतिरिक्त आपदाओं को रोकने के लिए बचाव एवं राहत कार्य तत्काल आयोजित किए जाने चाहिए, घायलों का समुचित उपचार होना चाहिए और प्रभावित जनसंख्या को पुनर्स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए।
सरकार की प्रतिक्रिया
शी चिनफिंग ने ज़ोर देते हुए कहा कि वर्तमान बाढ़ नियंत्रण की स्थिति गंभीर और जटिल है। उन्होंने विभिन्न स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि स्थापित योजनाओं एवं उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और आपातकालीन बचाव तैयारियों को और सुदृढ़ किया जाए, तथा आपदा निवारण व राहत के सभी पहलुओं में ठोस कार्रवाई की जाए।
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने भी इस संदर्भ में निर्देश जारी करते हुए कहा कि मौसम की चरम घटनाएँ लगातार हो रही हैं। उन्होंने राज्य बाढ़ नियंत्रण एवं सूखा राहत मुख्यालय तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एवं राहत मुख्यालय को निर्देश दिया कि वे स्थानीय निकायों को वर्षा और बाढ़ की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दें।
आम जनता पर असर
बांध टूटने और भूस्खलन की घटनाओं ने क्वांगसी, हपेई और गानसू क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जन-जीवन को प्रभावित किया है। प्रभावित आबादी को पुनर्स्थापित करने और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत अभियान जारी है। गौरतलब है कि चीन में मानसून के दौरान इस प्रकार की बाढ़ आपदाएँ प्रतिवर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं।
क्या होगा आगे
प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने संबंधित मुख्यालयों को निर्देश दिया है कि संभावित आपदा जोखिमों और खतरों की पूरी तरह जाँच की जाए, सभी बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा राहत उपायों को विस्तार से लागू किया जाए और बड़ी द्वितीयक आपदाओं को सख्ती से रोका जाए। यह ऐसे समय में आया है जब चीन के कई हिस्सों में मौसम की चरम घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं और आपदा प्रबंधन तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है।