3 अक्टूबर 2026
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भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की नेपाल PM बालेंद्र शाह से काठमांडू में मुलाकात, अग्निपथ मुद्दा चर्चा में

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भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की नेपाल PM बालेंद्र शाह से काठमांडू में मुलाकात, अग्निपथ मुद्दा चर्चा में

सारांश

जनरल धीरज सेठ का काठमांडू दौरा महज शिष्टाचार नहीं — पर्दे के पीछे अग्निपथ योजना को लेकर 2019 से रुकी नेपाली भर्ती का अनसुलझा मुद्दा मँडरा रहा था। मानद जनरल रैंक की 1950 से चली परंपरा और नए PM की पहली बड़ी सैन्य बैठक — दोनों मिलकर इस दौरे को असाधारण बनाते हैं।

मुख्य बातें

जनरल धीरज सेठ ने 18 अगस्त 2026 को काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से शिष्टाचार भेंट की।
यह बैठक जनरल सेठ के चार दिवसीय नेपाल दौरे का हिस्सा थी; राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री शाह ने 27 मार्च को पदभार के बाद से विदेशी गणमान्यों से आमने-सामने बैठकें काफी हद तक टाली हैं — जनरल सेठ उन चुनिंदा में शामिल हुए।
नेपाली सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती 2019 से रुकी है; अग्निपथ योजना को लेकर नेपाल ने 1947 के त्रिपक्षीय समझौते का हवाला देते हुए भर्ती निलंबित की।
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल सेठ को नेपाली सेना के जनरल का मानद रैंक प्रदान किया — 1950 से चली आ रही परंपरा के तहत।

भारत के थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात उनके चार दिवसीय नेपाल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के कार्यालय में हुई, जिसमें नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

बैठक का संदर्भ और महत्व

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने 27 मार्च को पदभार ग्रहण करने के बाद से अब तक विदेशी राजनयिकों और गणमान्य लोगों के साथ आमने-सामने की बैठकें काफी हद तक टाली हैं। ऐसे में जनरल सेठ उन चुनिंदा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में शामिल हो गए हैं जिन्हें प्रधानमंत्री शाह से सीधे मिलने का अवसर मिला। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री शाह के पास नेपाल के रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी है, जो इस बैठक को रक्षा कूटनीति के दृष्टिकोण से विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।

अग्निपथ और नेपाली भर्ती का अनसुलझा मुद्दा

प्रधानमंत्री कार्यालय ने दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार अटकलें हैं कि बैठक में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती का संवेदनशील मुद्दा भी उठा होगा। भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती 2019 से रुकी हुई है — पहले कोविड-19 महामारी के कारण, और फिर 2022 में अग्निपथ योजना लागू होने के बाद नेपाल सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को निलंबित कर दिया।

नेपाल सरकार का तर्क है कि अग्निपथ योजना भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच 1947 के त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों के विरुद्ध है। यह मुद्दा दोनों देशों के सैन्य संबंधों में एक प्रमुख अनसुलझी गाँठ बना हुआ है।

मानद जनरल रैंक से सम्मानित

इस बैठक से एक दिन पहले, सोमवार को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शीतल निवास (राष्ट्रपति कार्यालय) में आयोजित एक विशेष समारोह में जनरल सेठ को नेपाली सेना के जनरल का मानद रैंक प्रदान किया। यह 1950 से चली आ रही उस अनूठी परंपरा का हिस्सा है, जिसके तहत भारत और नेपाल एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल का मानद पद देते हैं।

इस सम्मान समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, मुख्य सचिव गोविंद बहादुर कार्की, नेपाली सेना के प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल, नेपाली सेना के पूर्व सेना प्रमुख, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, और मित्र देशों के रक्षा प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

भारत-नेपाल सैन्य संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत-नेपाल संबंध कई मोर्चों पर पुनर्संतुलन के दौर से गुज़र रहे हैं। मानद रैंक की सात दशक पुरानी परंपरा दोनों देशों के बीच गहरे सैन्य विश्वास का प्रतीक है, लेकिन अग्निपथ विवाद इस रिश्ते में एक व्यावहारिक तनाव बनाए हुए है। जनरल सेठ का यह दौरा उस तनाव को कूटनीतिक स्तर पर संबोधित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली परीक्षा अग्निपथ गतिरोध पर होगी — एक ऐसा मुद्दा जो सात साल से अनसुलझा है और जिसने हज़ारों नेपाली युवाओं के करियर को अधर में लटका दिया है। नेपाल का 1947 के त्रिपक्षीय समझौते का तर्क कानूनी रूप से ठोस है, और भारत ने अब तक कोई सार्वजनिक समाधान नहीं दिया है। मानद रैंक की परंपरा दोनों देशों के बीच भावनात्मक बंधन को जीवित रखती है, लेकिन भर्ती विवाद जब तक नहीं सुलझता, तब तक यह बंधन व्यावहारिक धरातल पर कमज़ोर बना रहेगा। बंद दरवाज़ों के पीछे हुई इस बातचीत का असली नतीजा तभी पता चलेगा जब भर्ती प्रक्रिया पर कोई ठोस कदम उठाया जाए।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल धीरज सेठ ने नेपाल PM बालेंद्र शाह से क्यों मुलाकात की?
जनरल सेठ अपने चार दिवसीय नेपाल दौरे के तहत 18 अगस्त 2026 को काठमांडू में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से शिष्टाचार भेंट करने पहुँचे। यह मुलाकात भारत-नेपाल सैन्य और कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
अग्निपथ योजना और नेपाली भर्ती विवाद क्या है?
भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती 2019 से रुकी हुई है — पहले कोविड-19 के कारण, फिर 2022 में अग्निपथ योजना लागू होने के बाद नेपाल ने इसे निलंबित कर दिया। नेपाल का तर्क है कि यह योजना भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच 1947 के त्रिपक्षीय समझौते के विरुद्ध है।
जनरल सेठ को नेपाली सेना का मानद जनरल रैंक क्यों दिया गया?
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 1950 से चली आ रही परंपरा के तहत जनरल सेठ को यह सम्मान दिया। इस परंपरा के अनुसार भारत और नेपाल एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल का मानद पद प्रदान करते हैं, जो दोनों देशों के बीच विशेष सैन्य संबंध का प्रतीक है।
क्या बालेंद्र शाह विदेशी गणमान्यों से मिलने से बचते रहे हैं?
हाँ, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने 27 मार्च को पदभार ग्रहण करने के बाद से विदेशी राजनयिकों और गणमान्य लोगों के साथ आमने-सामने की बैठकें काफी हद तक टाली हैं। जनरल सेठ उन चुनिंदा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में शामिल हुए जिन्हें प्रधानमंत्री शाह से सीधे मिलने का अवसर मिला।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बातचीत का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, अटकलें हैं कि अग्निपथ योजना के तहत नेपाली युवाओं की भर्ती का मुद्दा, जो 2019 से अनसुलझा है, बैठक में उठाया गया होगा।
राष्ट्र प्रेस
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