नेपाल के PM बालेन शाह को भारत का आधिकारिक न्योता, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय ने 28 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह को भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण दिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में मीडिया के सवाल पर संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट जवाब दिया — यह भारत-नेपाल संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रवक्ता जायसवाल से जब पूछा गया कि क्या भारत जल्द ही नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की मेज़बानी की योजना बना रहा है, तो उन्होंने कहा, 'हां, नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया गया है।' हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बालेन शाह के मुख्य सलाहकार कुमार बेन की हालिया भारत यात्रा और उस दौरान हुई बैठकों के बारे में उनके पास कोई विवरण उपलब्ध नहीं है।
यदि यह यात्रा होती है, तो मार्च 2026 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह बालेन शाह की पहली भारत यात्रा होगी।
परंपरा से अलग रहे हैं बालेन शाह
नेपाल में आमतौर पर नए प्रधानमंत्री पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद भारत या चीन की यात्रा करते रहे हैं। लेकिन बालेन शाह ने इस परंपरा से हटकर अपने शासनकाल के पहले वर्ष में किसी भी विदेशी दौरे पर न जाने की प्रतिज्ञा ली थी। अब यह निमंत्रण उस प्रतिज्ञा को तोड़ने का पहला कदम हो सकता है।
गौरतलब है कि काठमांडू पोस्ट ने हाल ही में सूत्रों के हवाले से बताया था कि बालेन शाह पहली बार अपने स्वयं के बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। कथित तौर पर वे भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीनी राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग बैठक करेंगे — जो उनकी पहले की नीति के विपरीत है कि वे किसी भी विदेशी राजदूत से एकांत में नहीं मिलेंगे।
द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि
इससे पहले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर 5 जून से 7 जून 2026 तक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली आए थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच विकास कार्यों, कनेक्टिविटी, व्यापार और ऊर्जा संबंधों की समीक्षा की गई। खनाल ने इस दौरे के बाद चीन की भी यात्रा की थी, जो नेपाल की संतुलित विदेश नीति का संकेत है।
आम जनता और कूटनीति पर असर
भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध हैं। बालेन शाह की संभावित यात्रा से व्यापार, जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा कनेक्टिविटी से जुड़े लंबित मुद्दों पर प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल अपनी विदेश नीति में भारत और चीन दोनों के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
क्या होगा आगे
यात्रा की तिथि और एजेंडे की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संपर्क जारी है और माना जा रहा है कि बालेन शाह की भारत यात्रा निकट भविष्य में तय हो सकती है।