जनरल धीरज सेठ ने नेपाल के आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को किया संबोधित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को नेपाल के शिवपुरी स्थित आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में नेपाली सेना तथा विभिन्न देशों के विदेशी अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने कमांड एंड स्टाफ कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए मध्यम स्तर के सैन्य अधिकारियों में स्टाफ कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया। यह यात्रा 17 से 19 अगस्त तक चलने वाले उनके तीन दिवसीय आधिकारिक नेपाल दौरे का हिस्सा है।
कॉलेज में संवाद और चर्चा के मुख्य बिंदु
जनरल सेठ ने आर्मी कमांड एंड स्टाफ कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ-साथ पाठ्यक्रम से जुड़े प्रशिक्षकों और विदेशी प्रशिक्षु अधिकारियों से भी विस्तृत बातचीत की। चर्चा में पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सैन्य अधिकारियों की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि कमांड और स्टाफ प्रशिक्षण अधिकारियों में रणनीतिक सोच, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और संयुक्त सैन्य अभियानों के लिए ज़रूरी कौशल विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है।
नेपाली सेनाध्यक्ष से द्विपक्षीय भेंट
जनरल सेठ ने नेपाल के थल सेनाध्यक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल से शिष्टाचार भेंट की। दोनों सैन्य प्रमुखों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और भारत-नेपाल द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को नई दिशा देने पर भी विचार हुआ।
मानद रैंक और विशेष अलंकरण
इस दौरे की एक उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार, 18 अगस्त को काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष अलंकरण समारोह में जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक प्रदान की। यह सम्मान भारत और नेपाल के बीच कायम विशेष सैन्य संबंधों की एक अनूठी और वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। गौरतलब है कि यह मानद रैंक केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहरे विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।
पौधारोपण और सांकेतिक संदेश
जनरल सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया, जो दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग के दीर्घकालिक संकल्प का प्रतीकात्मक संदेश देता है। यात्रा के दौरान उन्होंने नेपाल के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों से भी भेंट की और साझा हितों से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय संवाद किया।
यात्रा का व्यापक महत्व
यह यात्रा भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा दोनों देशों की सेनाओं के बीच निरंतर बढ़ते सहयोग को रेखांकित करती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के नए आयाम खुलने की संभावना है, क्योंकि इस दौरे में उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।