17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक, काठमांडू में विशेष समारोह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक, काठमांडू में विशेष समारोह

सारांश

1950 से चली आ रही परंपरा एक बार फिर जीवंत हुई — नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शीतल निवास में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक प्रदान की। यह चार दिवसीय यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के बीच सेना-से-सेना के गहरे और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।

मुख्य बातें

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 17 अगस्त 2026 को शीतल निवास, काठमांडू में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल का मानद पद प्रदान किया।
यह सम्मान 1950 से चली आ रही भारत-नेपाल की अनूठी द्विपक्षीय परंपरा का हिस्सा है।
जनरल सेठ नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर चार दिवसीय यात्रा पर काठमांडू पहुँचे।
जनरल सेठ ने 30 जून को भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था।
AWWA अध्यक्ष कोमल सेठ ने NAWA अध्यक्ष नीता छेत्री सिग्देल से मुलाकात कर कल्याणकारी गतिविधियों पर चर्चा की।
जनरल सेठ ने नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से भी मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया।

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को काठमांडू स्थित शीतल निवास (राष्ट्रपति कार्यालय) में आयोजित एक विशेष समारोह में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल का मानद पद प्रदान किया। यह सम्मान 1950 से चली आ रही उस अनूठी द्विपक्षीय परंपरा का हिस्सा है, जिसके तहत भारत और नेपाल एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल का मानद रैंक देते हैं।

समारोह का विवरण

राष्ट्रपति पौडेल ने शीतल निवास में जनरल सेठ को मानद पद का चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, मुख्य सचिव गोविंद बहादुर कार्की, नेपाली सेना के प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल, नेपाली सेना के पूर्व प्रमुख, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, नेपाल में भारत के राजदूत और मित्र देशों के रक्षा अताशे उपस्थित रहे।

मानद पद प्रदान किए जाने से पूर्व जनरल सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और आर्मी पैवेलियन में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

नेपाली सेना के अनुसार, जनरल सेठ ने 30 जून को भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। वे नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर काठमांडू पहुँचे। यह यात्रा नेपाल-भारत के बीच नियमित उच्च-स्तरीय सैन्य आदान-प्रदान की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है।

गौरतलब है कि 1950 से चली आ रही इस परंपरा को दोनों देशों के सैन्य संबंधों की आधारशिला माना जाता है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत-नेपाल के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल और द्विपक्षीय वार्ता

जनरल सेठ ने पाँच सदस्यीय भारतीय सेना के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उनके साथ उनकी पत्नी कोमल सेठ भी थीं, जो भारतीय सेना की आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की अध्यक्ष हैं। कोमल सेठ ने नेपाली आर्मी वाइव्स एसोसिएशन (NAWA) की अध्यक्ष नीता छेत्री सिग्देल से उनके कार्यालय में भेंट की, जिस दौरान NAWA द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों पर चर्चा हुई।

नेपाली सेना ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि जनरल सेठ और जनरल सिग्देल के बीच शिष्टाचार भेंट के दौरान 'आपसी हित के मुद्दों और नेपाल-भारत के बीच द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई।' सोमवार शाम जनरल सिग्देल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में भोज का आयोजन भी किया।

राजनयिक आयाम

रविवार शाम जनरल सेठ ने नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात की। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों को और सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। दूतावास ने कहा कि 'यह यात्रा नेपाल और भारत के बीच अनूठे और समय-परीक्षित रक्षा संबंधों की पुष्टि करती है, जो साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और सेना-से-सेना के स्थायी संबंधों पर आधारित हैं।'

आगे की दिशा में, इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है, जो इस ऐतिहासिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हाल के वर्षों में सीमा विवाद और राजनीतिक उठापटक के कारण कभी-कभी तनावग्रस्त रही है। 1950 से चली आ रही यह परंपरा तब भी बनी रही जब दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध जटिल दौर से गुजरे — यह इस सैन्य-से-सैन्य संपर्क की मजबूती का प्रमाण है। हालाँकि, असली कसौटी यह है कि क्या ये उच्च-स्तरीय प्रतीकात्मक आदान-प्रदान ठोस रक्षा सहयोग में तब्दील होते हैं — विशेषकर ऐसे समय में जब चीन नेपाल में अपनी सैन्य उपस्थिति और प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक क्यों दी गई?
यह 1950 से चली आ रही भारत-नेपाल की एक स्थापित द्विपक्षीय परंपरा है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल का मानद पद प्रदान करते हैं। इस परंपरा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को प्रतीकात्मक और संस्थागत रूप से मजबूत बनाए रखना है।
यह समारोह कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह समारोह 17 अगस्त 2026 को काठमांडू स्थित शीतल निवास (नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय) में आयोजित हुआ। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल धीरज सेठ को मानद पद का चिन्ह भेंट किया।
जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना प्रमुख का पदभार कब संभाला?
जनरल धीरज सेठ ने 30 जून को भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। यह उनकी नेपाल की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जो नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर हुई।
जनरल सेठ की नेपाल यात्रा के दौरान और क्या-क्या हुआ?
जनरल सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से भी मुलाकात की और नेपाली सेना प्रमुख द्वारा आयोजित भोज में भाग लिया।
भारत-नेपाल सैन्य संबंधों की यह परंपरा कितनी पुरानी है?
यह परंपरा 1950 से चली आ रही है, यानी सात दशकों से भी अधिक पुरानी है। इसे दोनों देशों के बीच सेना-से-सेना के घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 11 घंटे पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले