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जनरल धीरज सेठ बने भारत के 31वें थलसेना प्रमुख, पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ को किया सैल्यूट

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जनरल धीरज सेठ बने भारत के 31वें थलसेना प्रमुख, पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ को किया सैल्यूट

सारांश

नई दिल्ली में गार्ड ऑफ ऑनर समारोह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं था — यह एक सैन्य परिवार की तीन पीढ़ियों का मिलन था। जनरल धीरज सेठ ने पिता और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल को सैल्यूट कर, और छोटे भाई रियर एडमिरल से सैल्यूट पाकर, भारत के 31वें थलसेना प्रमुख का पद संभाला।

मुख्य बातें

जनरल धीरज सेठ ने 30 जून 2026 को भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया।
1 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में 'गार्ड ऑफ ऑनर' समारोह के बाद उन्होंने पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ (सेवानिवृत्त) को सैल्यूट किया और आशीर्वाद लिया।
समारोह में छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी उपस्थित थे, जिन्होंने जनरल सेठ को सैल्यूट किया।
जनरल सेठ ने दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर से सैन्य सेवा प्रारंभ की; राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं।
निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए।

भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख के रूप में जनरल धीरज सेठ ने 30 जून 2026 को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में 1 जुलाई 2026 को आयोजित 'गार्ड ऑफ ऑनर' समारोह में एक भावुक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला — नवनियुक्त सेना प्रमुख ने अपने पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ (सेवानिवृत्त) को सैल्यूट किया, जिसका जवाब उनके पिता ने भी सैल्यूट से दिया।

समारोह का भावुक क्षण

'गार्ड ऑफ ऑनर' प्राप्त करने के पश्चात जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ (सेवानिवृत्त) के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही उन्होंने समारोह में उपस्थित परिजनों का भी आशीर्वाद लिया। यह दृश्य वहाँ मौजूद सैन्य अधिकारियों, जवानों और अतिथियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।

समारोह में जनरल सेठ के छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी उपस्थित थे, जिन्होंने अपने बड़े भाई को सैल्यूट किया। भारतीय सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं में सेवारत इस परिवार की एकत्र उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की — सैन्य परंपरा, पारिवारिक संस्कार और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का यह संगम दुर्लभ था।

नए सेना प्रमुख का संकल्प

पदभार ग्रहण करते हुए जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और विनम्रता दोनों का विषय है। उन्होंने 'कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांतों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ देने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सेना की तत्परता का भी आश्वासन दिया।

जनरल सेठ ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस और निस्वार्थ सेवा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम सहित सभी पूर्व सेनाध्यक्षों के योगदान को भी नमन किया।

जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर

जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। दिसंबर 1986 में उन्होंने भारतीय सेना की बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त किया था। चार दशकों के सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशनल, रणनीतिक, क्षमता विकास और संस्थागत क्षेत्रों में व्यापक अनुभव अर्जित किया है।

उनके कमांड असाइनमेंट में रेगिस्तानी क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट, पश्चिमी मोर्चे पर एक बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद-विरोधी बल शामिल हैं। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर — भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन — की कमान संभाली। इसके अतिरिक्त उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सैन्य दायित्वों की देखरेख की।

निवर्तमान सेना प्रमुख की विदाई

जनरल धीरज सेठ से पूर्व जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम भारतीय सेना के थलसेना प्रमुख थे, जो 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए। जनरल सेठ ने उपप्रमुख के पद से सीधे थलसेना प्रमुख का कार्यभार संभाला है, जो उनके उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वयं थलसेना प्रमुख, और छोटे भाई रियर एडमिरल, तीनों एक साथ। यह भारतीय सशस्त्र बलों की उस गहरी संस्थागत संस्कृति को रेखांकित करता है जहाँ सेवा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती है। असली परीक्षा अब परिचालन मोर्चे पर होगी — जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी अभियानों और पश्चिमी सीमा पर उनके व्यापक अनुभव को देखते हुए, नई नेतृत्व शैली से सेना की रणनीतिक दिशा पर असर पड़ना तय है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल धीरज सेठ कौन हैं और वे कब थलसेना प्रमुख बने?
जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख हैं, जिन्होंने 30 जून 2026 को पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे सेना के उपप्रमुख के पद पर कार्यरत थे।
गार्ड ऑफ ऑनर समारोह में क्या हुआ?
1 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर समारोह के बाद जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ (सेवानिवृत्त) को सैल्यूट किया और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रवनीश सेठ ने भी उन्हें सैल्यूट किया।
जनरल धीरज सेठ का सैन्य अनुभव कैसा है?
जनरल सेठ ने दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर से सेना में कमीशन प्राप्त किया था। चार दशकों के करियर में उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में बख्तरबंद रेजिमेंट, पश्चिमी मोर्चे पर बख्तरबंद ब्रिगेड, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी बल और सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली है।
जनरल धीरज सेठ से पहले थलसेना प्रमुख कौन थे?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए। जनरल धीरज सेठ ने उनके स्थान पर पदभार संभाला है।
जनरल धीरज सेठ की शैक्षणिक और सैन्य पृष्ठभूमि क्या है?
जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी कार्य किया है और लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर सुदर्शन चक्र कोर — भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन — की कमान संभाली।
राष्ट्र प्रेस
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