30 जून 2026
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जनरल धीरज सेठ बने नए सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून को सौंपी कमान

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जनरल धीरज सेठ बने नए सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून को सौंपी कमान

सारांश

28 वर्षों के अंतराल के बाद भारतीय सेना को आर्मर्ड कोर से नया प्रमुख मिला है। जनरल धीरज सेठ ने 30 जून को 12 लाख सैनिकों की कमान संभाली। 40 साल के करियर में दो ऑपरेशनल कमानों का नेतृत्व करने वाले सेठ के सामने सीमाओं पर सामरिक चुनौतियाँ और सेना आधुनिकीकरण का बड़ा एजेंडा है।

मुख्य बातें

जनरल धीरज सेठ ने 30 जून 2026 को भारतीय थलसेना के नए प्रमुख का पदभार ग्रहण किया।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि और साउथ ब्लॉक में 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ विदाई ली।
28 वर्षों के अंतराल के बाद आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख मिला; इससे पहले 1997 में जनरल शंकर रॉय चौधरी इस पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
जनरल सेठ को दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था और उनका सैन्य करियर लगभग 40 वर्षों का है।
उन्हें PVSM , UYSM और AVSM सहित प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है।
वे 1 अप्रैल 2026 को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने थे और अब सर्वोच्च पद पर पहुँचे हैं।

भारतीय थलसेना को 30 जून 2026 को नया नेतृत्व मिल गया। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में 28वें सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण किया। जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल समाप्त होने पर उन्होंने 12 लाख सैनिकों की विशाल सेना की कमान जनरल सेठ को सौंपी।

सत्ता हस्तांतरण समारोह

कमान सौंपने से पूर्व जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद साउथ ब्लॉक के लॉन में उन्हें औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर विदाई दी गई। इस अवसर पर जनरल द्विवेदी ने कहा, "आज मैं भारतीय सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूँ। वह एक सक्षम और अनुभवी सैन्य नेतृत्वकर्ता हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं, उच्च पेशेवर मानकों और अटूट संकल्प के साथ नई ऊँचाइयों को छुएगी।"

आर्मर्ड कोर से 28 वर्षों बाद सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ का यह नियुक्ति ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है — करीब 28 वर्षों के अंतराल के बाद भारतीय सेना को आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख मिला है। इससे पहले वर्ष 1997 में 20 लांसर्स के जनरल शंकर रॉय चौधरी आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। जनरल सेठ इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पदभार ग्रहण कर चुके थे।

जनरल सेठ का सैन्य करियर

जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था। लगभग 40 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट और जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर का नेतृत्व किया।

उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का सफल संचालन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी सेवाएँ दीं। पश्चिमी सीमा पर दो ऑपरेशनल कमानों का नेतृत्व करना एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में भी कार्य किया। सामरिक योजना के क्षेत्र में उन्होंने भारतीय सेना की लॉन्ग टर्म इंटीग्रेटेड पर्सपेक्टिव प्लान और आधुनिकीकरण रोडमैप तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

प्रशिक्षण में उत्कृष्टता और सम्मान

जनरल सेठ ने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में 'बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर' का सम्मान हासिल किया। उन्होंने हायर कमांड कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज तथा पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स भी सफलतापूर्वक पूरा किया है। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से नवाज़ा जा चुका है।

आगे की राह

जनरल धीरज सेठ के सामने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सामरिक चुनौतियों के बीच सेना के आधुनिकीकरण और परिचालन तत्परता को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी होगी। उनका व्यापक अनुभव — विशेष रूप से दो ऑपरेशनल कमानों और क्षमता विकास के क्षेत्र में — इस भूमिका के लिए उन्हें विशेष रूप से सक्षम बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल धीरज सेठ कौन हैं और वे कब सेना प्रमुख बने?
जनरल धीरज सेठ भारतीय थलसेना के नए प्रमुख हैं, जिन्होंने 30 जून 2026 को पदभार ग्रहण किया। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन के बाद से लगभग 40 वर्षों का सैन्य करियर रखते हैं।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बाद सेना प्रमुख क्यों बदला?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का सेना प्रमुख के रूप में कार्यकाल 30 जून 2026 को पूरा हुआ, जिसके बाद नियमित प्रक्रिया के तहत जनरल धीरज सेठ ने पदभार संभाला। द्विवेदी को नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि और साउथ ब्लॉक में 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ औपचारिक विदाई दी गई।
आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख बनना 28 साल बाद क्यों खास है?
वर्ष 1997 में 20 लांसर्स के जनरल शंकर रॉय चौधरी के सेवानिवृत्त होने के बाद से आर्मर्ड कोर को सेना प्रमुख पद नहीं मिला था। जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति से यह 28 वर्षों का अंतराल समाप्त हुआ है।
जनरल धीरज सेठ को कौन-से सैन्य सम्मान मिले हैं?
जनरल सेठ को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में 'बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर' का सम्मान भी प्राप्त किया है।
नए सेना प्रमुख के सामने प्रमुख चुनौतियाँ क्या होंगी?
जनरल धीरज सेठ के सामने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सामरिक तत्परता बनाए रखने के साथ-साथ सेना के आधुनिकीकरण रोडमैप को क्रियान्वित करने की ज़िम्मेदारी होगी। भारतीय सेना की लॉन्ग टर्म इंटीग्रेटेड पर्सपेक्टिव प्लान तैयार करने में उनकी पहले से भूमिका रही है, जो इस दिशा में उनके लिए सहायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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