लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारत के नए आर्मी चीफ, 1997 के बाद पहली बार कॉम्बैट ब्रांच से कमान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 13 जून 2025 को लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। वर्तमान में सेना के वाइस चीफ के पद पर कार्यरत लेफ्टिनेंट जनरल सेठ, जून के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। उनका कार्यकाल अगस्त 2028 तक चलने की संभावना है।
ऐतिहासिक नियुक्ति: कॉम्बैट ब्रांच से 28 साल बाद कमान
आर्म्ड कॉर्प्स से आने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सेठ 1997 में जनरल शंकर रॉयचौधरी के बाद कॉम्बैट ब्रांच से सेना की सर्वोच्च कमान संभालने वाले पहले अधिकारी बनेंगे — यानी लगभग 28 वर्षों का यह अंतराल इस नियुक्ति को ऐतिहासिक बनाता है। नेशनल डिफेंस एकेडमी के स्नातक, उन्होंने दिसंबर 1986 में आर्म्ड कॉर्प्स में कमीशन प्राप्त किया था।
चार दशकों का विविध ऑपरेशनल अनुभव
लगभग चार दशकों की सैन्य सेवा में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कमांड, स्टाफ और क्षमता-विकास — तीनों आयामों पर अपनी पकड़ सिद्ध की है। उन्होंने रेगिस्तानी इलाके में आर्म्ड रेजिमेंट, पश्चिमी थिएटर में आर्म्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी फोर्स की कमान संभाली है।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर उन्होंने भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन सुदर्शन चक्र कॉर्प्स का नेतृत्व किया। इसके बाद दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में राजधानी की अहम सैन्य गतिविधियों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।
दो आर्मी कमांड की कमान — एक दुर्लभ उपलब्धि
आर्मी कमांडर के रूप में पदोन्नति के बाद, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड — दोनों ऑपरेशनल आर्मी कमांड का नेतृत्व किया। यह एक दुर्लभ उपलब्धि है जो उन्हें सेना के चुनिंदा अधिकारियों की श्रेणी में रखती है। इन भूमिकाओं में उन्होंने ढाई वर्षों से अधिक समय तक देश के कुछ सर्वाधिक संवेदनशील सैन्य थिएटरों में रणनीतिक देखरेख की।
रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण में योगदान
फील्ड कमांड के अतिरिक्त, उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में रणनीतिक योजना और क्षमता विकास शाखाओं में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। यहाँ उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण के रोडमैप, क्षमता-वृद्धि की योजनाओं और दीर्घकालिक फोर्स पुनर्गठन पहलों को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
पेशेवर सैन्य शिक्षा में भी उनका रिकॉर्ड उल्लेखनीय है — उन्होंने हायर कमांड कोर्स, नेशनल डिफेंस कॉलेज और पेरिस के प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
सम्मान और आगे की चुनौतियाँ
उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल सहित अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय सेना इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड स्ट्रक्चर के गठन, तकनीकी आधुनिकीकरण और चीन-पाकिस्तान सीमाओं पर बढ़ी हुई ऑपरेशनल तैयारी जैसी बड़ी प्राथमिकताओं से जूझ रही है। लेफ्टिनेंट जनरल सेठ का बहुआयामी अनुभव इन चुनौतियों से निपटने में निर्णायक साबित हो सकता है।