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गणेश चतुर्थी पर मोहित मल्होत्रा का संदेश: बप्पा ने सिखाया आना-जाना दोनों का जश्न मनाना

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गणेश चतुर्थी पर मोहित मल्होत्रा का संदेश: बप्पा ने सिखाया आना-जाना दोनों का जश्न मनाना

सारांश

टीवी अभिनेता मोहित मल्होत्रा ने गणेश चतुर्थी पर दिल की बात साझा की — बप्पा उनके लिए आस्था और नई शुरुआत के प्रतीक हैं। उनका संदेश है: आगमन और विदाई दोनों को उत्सव की तरह जीओ, क्योंकि एहसास हमेशा साथ रहता है।

मुख्य बातें

अभिनेता मोहित मल्होत्रा ने गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा के साथ अपना निजी जुड़ाव साझा किया।
मोहित के अनुसार बप्पा उनके लिए आस्था, सकारात्मकता और फिर से शुरुआत करने की क्षमता का प्रतीक हैं।
वे गणपति पूजा में बड़े रीति-रिवाज नहीं निभाते — उनकी परंपरा है प्रार्थना, आभार और पॉजिटिव सोच ।
विसर्जन को उन्होंने त्योहार का सबसे भावुक और अर्थपूर्ण क्षण बताया।
उनका जीवन-संदेश: आना और जाना दोनों का जश्न मनाना सीखो, एहसास हमेशा साथ रहता है।

अभिनेता मोहित मल्होत्रा — जिन्हें दर्शक 'बड़े अच्छे लगते हैं', 'ससुराल गेंदा फूल' और 'जमाई राजा' जैसे लोकप्रिय टेलीविज़न शो से पहचानते हैं — ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर खुलासा किया कि गणपति बप्पा उनके जीवन में नई शुरुआत और सकारात्मकता के प्रतीक हैं। मुंबई में इस पर्व की भावना को साझा करते हुए मोहित ने बताया कि यह त्योहार उन्हें हर साल खुद से फिर से जोड़ता है।

बप्पा से निजी जुड़ाव

मोहित मल्होत्रा ने गणपति के साथ अपने गहरे आध्यात्मिक संबंध को साझा करते हुए कहा, 'मेरे लिए बप्पा हमेशा से आस्था, सकारात्मकता और फिर से शुरुआत करने की क्षमता का प्रतीक रहे हैं। कुछ नया शुरू करने से पहले मन को साफ रखना और इस भरोसे से आगे बढ़ना कि रास्ता खुद-ब-खुद बन जाएगा — इसमें एक बहुत ही सुकून देने वाली बात है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे बप्पा को जमीन से जुड़े रहने की सीख से भी जोड़ते हैं।

त्योहार का सामूहिक एहसास

मोहित ने कहा कि जीवन में कितने भी बदलाव आ जाएँ, गणेश चतुर्थी उन्हें एक ऐसा पड़ाव देती है जहाँ वे रुककर आभारी हो सकते हैं। उनके शब्दों में, 'यह लोगों को एक साथ लाता है, इतनी पॉजिटिव एनर्जी पैदा करता है और किसी तरह आपको एक पल के लिए रुककर बस आभारी होने पर मजबूर कर देता है।' यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारों का सामूहिक उत्सव शहरी जीवन में आपसी जुड़ाव का एक अहम माध्यम बना हुआ है।

पूजा की परंपरा और मोदक का आकर्षण

मोहित ने स्पष्ट किया कि गणपति पूजा के लिए वे कोई बड़े रीति-रिवाज नहीं निभाते। उनके अनुसार, 'मेरे लिए यह त्योहार इसलिए है कि मैं बप्पा के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिता सकूँ, प्रार्थना करूँ और त्योहार की शुरुआत पॉजिटिव सोच के साथ करूँ।' उन्होंने हँसते हुए यह भी माना कि मोदक को मना करना उनके लिए 'नामुमकिन' है, लेकिन असली आकर्षण त्योहार के आसपास की ऊर्जा और गर्मजोशी में है।

विसर्जन का भावुक पल

मोहित ने विसर्जन को इस उत्सव का सबसे भावपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'बप्पा को जाते हुए देखने में कुछ भावुक सा है — यह जानते हुए कि पूरा जश्न तो कुछ समय के लिए है, लेकिन एहसास हमेशा आपके साथ रहता है।' गौरतलब है कि यही भावना — आगमन और विदाई दोनों को उत्सव की तरह जीना — उनके लिए गणेश चतुर्थी का सबसे बड़ा जीवन-पाठ है।

जीवन का मर्म

अभिनेता ने अपनी बात समेटते हुए कहा कि बप्पा का आभारी होना और आगे बढ़ते रहने की शक्ति माँगना — यही उनकी हर साल की 'छोटी सी परंपरा' है। यह संदेश न केवल आध्यात्मिक है, बल्कि उन सभी के लिए प्रासंगिक है जो जीवन के उतार-चढ़ाव में संतुलन खोजते हैं। मोहित मल्होत्रा की यह भावना दर्शाती है कि लोकप्रियता के पीछे एक सहज, जमीन से जुड़ा इंसान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी बात में एक ईमानदार सादगी है जो अक्सर इस तरह की कवरेज में गायब रहती है। विसर्जन को 'भावुक लेकिन उत्सव' के रूप में देखने का उनका नज़रिया दरअसल एक गहरे दार्शनिक सत्य को छूता है — कि अनित्यता को स्वीकार करना ही उत्सव की आत्मा है। मुख्यधारा की मनोरंजन कवरेज अक्सर इसे महज़ PR अवसर मानकर चलती है, लेकिन यहाँ त्योहार और व्यक्तित्व के बीच एक वास्तविक संवाद दिखता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहित मल्होत्रा कौन हैं और किन शो के लिए जाने जाते हैं?
मोहित मल्होत्रा एक भारतीय टेलीविज़न अभिनेता हैं जो 'बड़े अच्छे लगते हैं', 'ससुराल गेंदा फूल' और 'जमाई राजा' जैसे लोकप्रिय शो में अपनी भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते हैं। इन शो ने उन्हें हिंदी टेलीविज़न दर्शकों के बीच एक विशेष पहचान दिलाई है।
मोहित मल्होत्रा के लिए गणपति बप्पा का क्या महत्व है?
मोहित के अनुसार बप्पा उनके लिए आस्था, सकारात्मकता और नई शुरुआत के प्रतीक हैं। वे बप्पा को जमीन से जुड़े रहने की प्रेरणा से भी जोड़ते हैं और हर साल इस त्योहार पर प्रार्थना व आभार के साथ आगे बढ़ने की शक्ति माँगते हैं।
मोहित मल्होत्रा गणेश चतुर्थी कैसे मनाते हैं?
मोहित मल्होत्रा गणपति पूजा में कोई बड़े रीति-रिवाज नहीं निभाते। उनके लिए यह त्योहार बप्पा के साथ अधिक से अधिक समय बिताने, प्रार्थना करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का अवसर है।
मोहित मल्होत्रा ने विसर्जन के बारे में क्या कहा?
मोहित ने विसर्जन को त्योहार का सबसे भावुक पल बताया। उन्होंने कहा कि बप्पा को जाते देखने में एक भावुकता है, लेकिन यह जानना कि एहसास हमेशा साथ रहता है — यही गणेश चतुर्थी को खूबसूरत बनाता है।
गणेश चतुर्थी से मोहित मल्होत्रा ने क्या जीवन-पाठ सीखा?
मोहित का मानना है कि गणेश चतुर्थी का सबसे बड़ा जीवन-पाठ यह है कि आगमन और विदाई — दोनों को उत्सव की तरह जीना चाहिए। उनके अनुसार यही भावना इस पर्व को बाकी त्योहारों से अलग और खास बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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