14 सितंबर 2026
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वर्धन पुरी ने गणेश चतुर्थी पर याद किए दादा अमरीश पुरी, बोले- 'बप्पा हर साल परिवार को करते हैं एकजुट'

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वर्धन पुरी ने गणेश चतुर्थी पर याद किए दादा अमरीश पुरी, बोले- 'बप्पा हर साल परिवार को करते हैं एकजुट'

सारांश

वर्धन पुरी के लिए गणेश चतुर्थी सिर्फ एक त्योहार नहीं — यह दादा अमरीश पुरी की यादों को ताज़ा करने और बिखरे परिवार को एकसाथ लाने का वार्षिक अवसर है। हाथ से बने मोदक से लेकर पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन तक, पुरी परिवार की परंपरा पीढ़ियों की विरासत समेटे हुए है।

मुख्य बातें

वर्धन पुरी ने 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी पर दिवंगत दादा अमरीश पुरी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
परिवार दो दिनों तक बप्पा का उत्सव मनाता है — महाराष्ट्रीयन खाना और हाथ से बने मोदक परंपरा का हिस्सा हैं।
विसर्जन के लिए परिवार नारियल से बनी पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति का उपयोग करता है।
अमरीश पुरी का निधन 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष की आयु में हुआ था; उनका ' मोगैम्बो ' किरदार ( मिस्टर इंडिया, 1987 ) आज भी अमर है।
वर्धन के अनुसार, 'गणेश चतुर्थी हमारे लिए सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि रिश्तों को मज़बूत करने का मौका भी है।'

अभिनेता वर्धन पुरी ने 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर अपने परिवार के साथ बप्पा का स्वागत करते हुए दिवंगत दादा और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि यह उत्सव उनके लिए महज़ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि परिवार के बिखरे हुए सदस्यों को एक छत के नीचे लाने का सबसे खूबसूरत ज़रिया है।

बचपन की यादें और मोदक की खुशबू

वर्धन ने बताया कि उनके परिवार में बप्पा को घर लाने की परंपरा जब से शुरू हुई, तब से सभी लोग मिलकर अपने हाथों से मोदक बनाते आए हैं। उन्होंने कहा, 'जब परिवार ने पहली बार बप्पा को घर लाने की परंपरा शुरू की थी, तब सभी एक साथ मिलकर बप्पा के पसंदीदा मोदक अपने हाथों से बनाया करते थे। इसमें दादू, दादी, माता-पिता, बहन साची और परिवार के बाकी सभी लोग शामिल होते थे।' यह परंपरा आज भी उतनी ही आत्मीयता के साथ जारी है।

उत्सव का तरीका — दो दिन, असीम आनंद

वर्धन ने बताया कि गणपति उत्सव के दौरान परिवार के सदस्य दुनिया के अलग-अलग कोनों से मुंबई में एकत्रित होते हैं। वे अपने मंदिर में स्थापित उसी गणपति की मूर्ति को घर के बैठक वाले कमरे में लाते हैं। 'इसके बाद दो दिनों तक बप्पा का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान घर में स्वादिष्ट महाराष्ट्रीयन खाना और ढेर सारे मोदक बनाए जाते हैं,' उन्होंने कहा।

पर्यावरण के प्रति जागरूकता

दो दिन के उत्सव के बाद पूरे परिवार की मौजूदगी में बप्पा को वापस मंदिर ले जाया जाता है। वर्धन ने बताया कि विसर्जन के लिए उनका परिवार नारियल से बनी पर्यावरण के अनुकूल गणपति की मूर्ति लाता है। उन्होंने कहा, 'बप्पा का उत्सव मनाने के साथ-साथ सबसे खूबसूरत रचना यानी धरती माँ का ख्याल रखना भी ज़रूरी है।'

अमरीश पुरी की विरासत और 'मोगैम्बो' की अमर छाप

वर्धन पुरी, हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता अमरीश पुरी के पोते हैं। अमरीश पुरी ने अपने सशक्त अभिनय से बॉलीवुड में अमिट पहचान बनाई। 1987 में प्रदर्शित फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में उनके 'मोगैम्बो' किरदार का संवाद और अंदाज़ इतना मशहूर हुआ कि वे हिंदी सिनेमा के सर्वाधिक यादगार खलनायकों में शुमार हो गए। 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था, परंतु उनका काम आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।

गणेश चतुर्थी — आस्था से परे पारिवारिक बंधन का उत्सव

वर्धन ने भावुक होते हुए कहा, 'हर साल बप्पा परिवार को एक-दूसरे के और करीब ले आते हैं। गणेश चतुर्थी हमारे लिए सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि परिवार के साथ समय बिताने और रिश्तों को और मज़बूत करने का मौका भी है।' यह भावना इस त्योहार की सार्वभौमिक शक्ति को उजागर करती है — जो पीढ़ियों को, यादों को और आस्था को एक सूत्र में पिरोती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की बात एक ज़िम्मेदार सामाजिक संदेश है जो इस कवरेज को केवल नॉस्टेल्जिया से परे ले जाता है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्धन पुरी कौन हैं और उनका अमरीश पुरी से क्या रिश्ता है?
वर्धन पुरी एक हिंदी फिल्म अभिनेता हैं और दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी के पोते हैं। अमरीश पुरी हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित खलनायकों में गिने जाते हैं, जिनका निधन 12 जनवरी 2005 को हुआ था।
वर्धन पुरी का परिवार गणेश चतुर्थी कैसे मनाता है?
वर्धन का परिवार दो दिनों तक बप्पा का उत्सव मनाता है, जिसमें हाथ से मोदक बनाना और महाराष्ट्रीयन व्यंजन तैयार करना शामिल है। विसर्जन के लिए परिवार नारियल से बनी पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति का उपयोग करता है।
अमरीश पुरी का सबसे मशहूर किरदार कौन सा था?
1987 में रिलीज़ हुई फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में अमरीश पुरी का 'मोगैम्बो' किरदार उनका सबसे प्रतिष्ठित रोल माना जाता है। यह किरदार हिंदी सिनेमा के सर्वाधिक यादगार खलनायकों में शामिल है।
वर्धन पुरी गणेश चतुर्थी को इतना खास क्यों मानते हैं?
वर्धन के अनुसार, गणेश चतुर्थी उनके परिवार के लिए महज़ धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे सभी सदस्यों को एक साथ लाने का अवसर है। यह त्योहार उन्हें दादा अमरीश पुरी के साथ बिताए बचपन के पलों की याद भी दिलाता है।
अमरीश पुरी का निधन कब हुआ था?
अमरीश पुरी का निधन 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष की आयु में हुआ था। उनका काम और उनके किरदार आज भी दर्शकों के बीच जीवित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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