मोहित मल्होत्रा का गणेश चतुर्थी संदेश: बप्पा ने सिखाया आना-जाना दोनों का जश्न मनाओ
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविज़न अभिनेता मोहित मल्होत्रा, जिन्होंने 'बड़े अच्छे लगते हैं', 'ससुराल गेंदा फूल' और 'जमाई राजा' जैसी लोकप्रिय धारावाहिकों में अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है, ने गणेश चतुर्थी 2026 के अवसर पर बताया कि उनके जीवन में गणपति बप्पा नई शुरुआत और सकारात्मकता के सबसे बड़े प्रतीक हैं। मुंबई में इस पर्व की धूम के बीच उन्होंने बप्पा के साथ अपने गहरे निजी जुड़ाव को साझा किया।
बप्पा के साथ मोहित का निजी जुड़ाव
बप्पा से अपने संबंध के बारे में मोहित ने कहा, 'मेरे लिए बप्पा हमेशा से आस्था, सकारात्मकता और फिर से शुरुआत करने की क्षमता का प्रतीक रहे हैं। कुछ नया शुरू करने से पहले मन को साफ रखना और इस भरोसे से आगे बढ़ना कि रास्ता खुद-ब-खुद बन जाएगा — इसमें एक बहुत ही सुकून देने वाली बात है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे बप्पा को जमीन से जुड़े रहने की याद दिलाने वाली शक्ति के रूप में देखते हैं।
गणेश चतुर्थी का सामूहिक उत्सव
मोहित ने इस पर्व के सामाजिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'जिंदगी में चाहे कितने भी बदलाव आ जाएं, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो आपको वापस खुद से जोड़ देती हैं। मेरे लिए गणेश चतुर्थी में वही एहसास है। यह लोगों को एक साथ लाता है, इतनी पॉजिटिव एनर्जी पैदा करता है और किसी तरह आपको एक पल के लिए रुककर बस आभारी होने पर मजबूर कर देता है।'
पूजा की परंपरा — सादगी में है असली मर्म
मोहित ने स्पष्ट किया कि वे गणपति पूजा के लिए किसी बड़े रिवाज का पालन नहीं करते। उनके अनुसार, 'मेरे लिए यह त्योहार इसलिए है कि मैं बप्पा के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिता सकूं, प्रार्थना करूं और पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ूं। हम सब कभी-कभी सब कुछ परफेक्ट करने में उलझ जाते हैं — लेकिन मेरे लिए सबसे जरूरी है, एक पल निकालकर बप्पा का आभारी होना और आगे बढ़ते रहने की शक्ति माँगना।'
विसर्जन का भावुक क्षण
मोहित ने त्योहार के माहौल को याद करते हुए मोदक का जिक्र करते हुए मुस्कुराते हुए कहा, 'बेशक मोदक को मना करना नामुमकिन है, लेकिन मुझे त्योहार के आसपास की एनर्जी सबसे ज्यादा पसंद है — हर तरफ इतनी गर्मजोशी, संगीत, लोग एक साथ आते हैं।' विसर्जन के बारे में उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'बप्पा को जाते हुए देखने में कुछ भावुक-सा है — यह जानते हुए कि पूरा जश्न तो कुछ समय के लिए है, लेकिन एहसास हमेशा आपके साथ रहता है।' यही सोच, उनके अनुसार, गणेश चतुर्थी को सबसे खूबसूरत पर्व बनाती है।
आम जनता पर असर
मोहित की बातें उन लाखों भक्तों से गूंजती हैं जो हर साल गणेश उत्सव में भाग लेते हैं। यह त्योहार महाराष्ट्र समेत पूरे देश में नई शुरुआत, एकता और आस्था का प्रतीक माना जाता है। एक सार्वजनिक चेहरे द्वारा सादगी और कृतज्ञता को बढ़ावा देने का यह संदेश सामाजिक दृष्टि से प्रासंगिक है।