गणेश चतुर्थी पर मुंबई महापौर आवास में साढ़े चार साल बाद गणपति स्थापना, मेयर रितु तावड़े ने की विशेष प्रार्थना
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के महापौर आवास में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर करीब साढ़े चार साल के अंतराल के बाद गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की गई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की महापौर रितु तावड़े ने इस अवसर पर गणपति बप्पा से प्रार्थना की कि मुंबई के सभी नागरिकों को स्वस्थ और सुरक्षित रखा जाए।
महापौर आवास पर भक्तिमय माहौल
मेयर रितु तावड़े ने बताया कि सुबह छह बजे से पूजा-अर्चना आरंभ हुई और पूरे महापौर आवास पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण छा गया। उन्होंने कहा कि मुंबई के लोग स्वभाव से बेहद मज़बूत हैं और हर संकट का डटकर सामना करने का जज़्बा रखते हैं। उनके अनुसार, इस वर्ष गणेश उत्सव को लेकर शहर में असाधारण उत्साह देखने को मिल रहा है और विभिन्न घरों में बप्पा का आगमन हो चुका है।
विसर्जन व्यवस्था का जायज़ा
मेयर रितु तावड़े ने बताया कि उन्होंने उत्सव से चार दिन पहले मुंबई की विभिन्न चौपाटियों, प्राकृतिक जल निकायों और कृत्रिम विसर्जन तालाबों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। इन स्थानों पर तैयारियों का खुद मुआयना करने के बाद उन्होंने विसर्जन व्यवस्था को लेकर संतोष जताया।
BMC ने तैयार किए 358 कृत्रिम विसर्जन तालाब
तावड़े के अनुसार, उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में BMC ने मुंबई भर में 358 कृत्रिम विसर्जन तालाब तैयार किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्देश के अनुसार 6 फीट से कम ऊँचाई वाली गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इन्हीं कृत्रिम तालाबों में किया जाना अनिवार्य है।
मुंबईवासियों से अपील
मेयर ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे गणेश उत्सव को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने के साथ-साथ विसर्जन व्यवस्था में BMC का सहयोग करें। उन्होंने नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पर्व मनाने की अपील की।
एक्स पर साझा किया संदेश
मेयर रितु तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि 'श्री गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर, विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमा को मेयर आवास पर अत्यंत भक्तिपूर्ण और आनंदमय माहौल में स्थापित किया गया। बप्पा की कृपा-दृष्टि पूरे मुंबई शहर और सभी नागरिकों पर सदैव बनी रहे और सभी को सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा खुशहाली प्राप्त हो।' गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गणेशोत्सव राज्य-उत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसका विशेष सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। आने वाले दिनों में विसर्जन प्रक्रिया की व्यवस्था किस हद तक सुचारू रहती है, यह देखने वाला होगा।