27 अगस्त 2026
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थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जयपुर में सप्त शक्ति कमान की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की

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थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जयपुर में सप्त शक्ति कमान की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की

सारांश

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का जयपुर दौरा महज़ औपचारिक निरीक्षण नहीं था — यह पश्चिमी मोर्चे की तैयारियों पर शीर्ष नेतृत्व के सीधे फोकस का संकेत है। 'विजय' ढाँचे और तकनीक-आधारित प्रशिक्षण पर जोर के साथ, सेना आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के लिए खुद को पुनर्गठित कर रही है।

मुख्य बातें

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 27 अगस्त 2026 को जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमान मुख्यालय का दौरा किया।
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने सेना प्रमुख को क्षेत्र के परिचालन वातावरण, प्रशिक्षण और युद्धक क्षमता की विस्तृत जानकारी दी।
सेना प्रमुख ने 'विजय' पाँच सूत्रीय रणनीतिक ढाँचे की प्राथमिकताओं और तकनीक-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मुलाकात में नागरिक-सैन्य समन्वय पर चर्चा हुई।
सप्त शक्ति कमान पश्चिमी क्षेत्र की सुरक्षा और परिचालन तैयारियों में केंद्रीय भूमिका निभाती है।

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 27 अगस्त 2026 को जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमान के मुख्यालय का दौरा किया और कमान की ऑपरेशनल तैयारियों तथा सैन्य क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए चल रही विभिन्न पहलों की विस्तृत समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमताओं को आधुनिक तकनीक और भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप लगातार उन्नत करने पर बल दे रही है।

मुख्य घटनाक्रम

सप्त शक्ति कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने सेना प्रमुख को क्षेत्र के मौजूदा परिचालन वातावरण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सैनिकों की तैयारियों, प्रशिक्षण गतिविधियों और युद्धक क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे उपायों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। मिशन की तैयारी को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विशेष चर्चा हुई।

विजय रणनीतिक ढाँचे पर जोर

जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना को तकनीक-आधारित और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूर्णतः तैयार बल में रूपांतरित करने के उद्देश्य को दोहराया। उन्होंने 'विजय' पाँच सूत्रीय रणनीतिक मार्गदर्शक ढाँचे में निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष बल दिया। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीकों को प्रशिक्षण व्यवस्था में निरंतर शामिल किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संघर्ष की स्थिति में भारतीय सेना अपनी निर्णायक बढ़त बनाए रख सके।

सेना प्रमुख की अपेक्षाएँ और सराहना

जनरल सेठ ने सप्त शक्ति कमान के सभी रैंक के अधिकारियों और जवानों द्वारा प्रदर्शित उच्च स्तर की परिचालन तैयारी, पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने सैनिकों का आह्वान किया कि वे देश की सेवा में सतत सतर्कता, पेशेवर उत्कृष्टता और अटूट संकल्प बनाए रखें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सेना को फुर्तीली और परिस्थितियों के अनुसार तेज़ी से ढलने वाली शक्ति बने रहना अनिवार्य है।

नागरिक-सैन्य समन्वय

जयपुर दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ ने राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से भी मुलाकात की। इन बैठकों में नागरिक-सैन्य समन्वय और सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ तथा बेहतर तालमेल को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।

सप्त शक्ति कमान का महत्व

गौरतलब है कि सप्त शक्ति कमान भारतीय सेना की महत्वपूर्ण कमानों में से एक है और पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा तथा परिचालन तैयारियों के लिहाज़ से इसकी भूमिका अत्यंत अहम है। यह दौरा इस बात का संकेत है कि शीर्ष सैन्य नेतृत्व पश्चिमी मोर्चे की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा यह है कि तकनीक-एकीकरण और 'विजय' के पाँच सूत्र ज़मीनी स्तर पर किस गति से क्रियान्वित होते हैं। नागरिक-सैन्य समन्वय पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बैठक एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इस तालमेल की गहराई और निरंतरता ही इसकी वास्तविक कसौटी होगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सप्त शक्ति कमान क्या है और इसका महत्व क्यों है?
सप्त शक्ति कमान भारतीय सेना की प्रमुख कमानों में से एक है, जिसका मुख्यालय जयपुर में है। यह पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा और परिचालन तैयारियों के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जनरल धीरज सेठ ने सप्त शक्ति कमान दौरे में किन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया?
जनरल सेठ ने कमान की ऑपरेशनल तैयारियों, तकनीक-आधारित प्रशिक्षण और 'विजय' पाँच सूत्रीय रणनीतिक ढाँचे की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सैनिकों से सतर्कता और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने का आह्वान किया।
'विजय' रणनीतिक ढाँचा क्या है?
'विजय' भारतीय सेना का पाँच सूत्रीय रणनीतिक मार्गदर्शक ढाँचा है, जिसका उद्देश्य सेना को तकनीक-आधारित और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूर्णतः तैयार बल में रूपांतरित करना है। इसमें आधुनिक तकनीकों को प्रशिक्षण में शामिल करना और युद्धक क्षमता को निरंतर उन्नत करना प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं।
सेना प्रमुख ने जयपुर दौरे में किन नागरिक अधिकारियों से मुलाकात की?
जनरल धीरज सेठ ने राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मुलाकात की। इन बैठकों में नागरिक-सैन्य समन्वय और सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।
इस दौरे का भारत-पाकिस्तान सीमा सुरक्षा से क्या संबंध है?
सप्त शक्ति कमान पश्चिमी सीमा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है। सेना प्रमुख का यह दौरा इस क्षेत्र की परिचालन तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकेत देता है, हालाँकि किसी विशेष खतरे का उल्लेख आधिकारिक तौर पर नहीं किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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