थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जयपुर में सप्त शक्ति कमान की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 27 अगस्त 2026 को जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमान के मुख्यालय का दौरा किया और कमान की ऑपरेशनल तैयारियों तथा सैन्य क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए चल रही विभिन्न पहलों की विस्तृत समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमताओं को आधुनिक तकनीक और भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप लगातार उन्नत करने पर बल दे रही है।
मुख्य घटनाक्रम
सप्त शक्ति कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने सेना प्रमुख को क्षेत्र के मौजूदा परिचालन वातावरण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सैनिकों की तैयारियों, प्रशिक्षण गतिविधियों और युद्धक क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे उपायों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। मिशन की तैयारी को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विशेष चर्चा हुई।
विजय रणनीतिक ढाँचे पर जोर
जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना को तकनीक-आधारित और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूर्णतः तैयार बल में रूपांतरित करने के उद्देश्य को दोहराया। उन्होंने 'विजय' पाँच सूत्रीय रणनीतिक मार्गदर्शक ढाँचे में निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष बल दिया। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीकों को प्रशिक्षण व्यवस्था में निरंतर शामिल किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी संघर्ष की स्थिति में भारतीय सेना अपनी निर्णायक बढ़त बनाए रख सके।
सेना प्रमुख की अपेक्षाएँ और सराहना
जनरल सेठ ने सप्त शक्ति कमान के सभी रैंक के अधिकारियों और जवानों द्वारा प्रदर्शित उच्च स्तर की परिचालन तैयारी, पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने सैनिकों का आह्वान किया कि वे देश की सेवा में सतत सतर्कता, पेशेवर उत्कृष्टता और अटूट संकल्प बनाए रखें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सेना को फुर्तीली और परिस्थितियों के अनुसार तेज़ी से ढलने वाली शक्ति बने रहना अनिवार्य है।
नागरिक-सैन्य समन्वय
जयपुर दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ ने राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से भी मुलाकात की। इन बैठकों में नागरिक-सैन्य समन्वय और सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ तथा बेहतर तालमेल को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।
सप्त शक्ति कमान का महत्व
गौरतलब है कि सप्त शक्ति कमान भारतीय सेना की महत्वपूर्ण कमानों में से एक है और पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा तथा परिचालन तैयारियों के लिहाज़ से इसकी भूमिका अत्यंत अहम है। यह दौरा इस बात का संकेत है कि शीर्ष सैन्य नेतृत्व पश्चिमी मोर्चे की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।