29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का पूर्वोत्तर दौरा: मणिपुर सुरक्षा, बाढ़ राहत और डूरंड कप की समीक्षा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का पूर्वोत्तर दौरा: मणिपुर सुरक्षा, बाढ़ राहत और डूरंड कप की समीक्षा

सारांश

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का दो दिवसीय पूर्वोत्तर दौरा महज औपचारिकता नहीं था — मणिपुर की सुरक्षा, असम की बाढ़ और डूरंड कप के उद्घाटन में एक साथ उपस्थिति यह बताती है कि पूर्वोत्तर में सेना की भूमिका अब केवल सीमा सुरक्षा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ाव का भी मोर्चा बन चुकी है।

मुख्य बातें

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 28-29 जुलाई को पूर्वी थिएटर के सैन्य गठन क्षेत्रों का दो दिवसीय दौरा किया।
मणिपुर में असम राइफल्स (दक्षिण) , असम राइफल्स (पूर्व) और रेड शील्ड डिवीजन की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की गई।
असम सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में जारी बाढ़ राहत अभियानों की प्रगति की जानकारी ली गई।
दाओ डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन की सुरक्षा तैयारियों की 29 जुलाई को समीक्षा की गई।
सेना प्रमुख इंफाल के खुमान लम्पाक स्टेडियम में 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए; राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री वाई.
सिंह भी उपस्थित रहे।

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 28 और 29 जुलाई को पूर्वी थिएटर के सैन्य गठन क्षेत्रों के दो दिवसीय दौरे के दौरान पूर्वोत्तर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, सैन्य तैयारियों और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों की व्यापक समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब मणिपुर में सुरक्षा चुनौतियाँ और असम में बाढ़ की स्थिति एक साथ सेना के संसाधनों की माँग कर रही है।

मणिपुर में सुरक्षा समीक्षा

दौरे के पहले दिन 28 जुलाई को सेना प्रमुख ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने असम राइफल्स (दक्षिण), असम राइफल्स (पूर्व) तथा रेड शील्ड डिवीजन की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। राज्य में सुरक्षित और स्थिर वातावरण बनाए रखने के लिए भारतीय सेना और असम राइफल्स के समन्वित प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

गौरतलब है कि मणिपुर पिछले कुछ समय से जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में सेना प्रमुख का यह दौरा परिचालन स्तर पर उच्च-स्तरीय नजरिए और मनोबल को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनरल सेठ ने अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों से सीधी बातचीत भी की और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी पेशेवर क्षमता, समर्पण तथा कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।

बाढ़ राहत अभियानों की प्रगति

सेना प्रमुख ने पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में जारी बाढ़ राहत अभियानों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए शुरू किए गए बचाव व राहत कार्यों का उन्होंने विशेष रूप से अवलोकन किया। नागरिक प्रशासन की सहायता में जुटे जवानों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने इस कार्य को पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखने का आह्वान किया।

29 जुलाई को दाओ डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्हें क्षेत्र की परिचालन स्थिति और जारी बाढ़ राहत अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मानसून की मार से नागरिक जीवन प्रभावित है और सेना की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय सहायता तक विस्तृत हो गई है।

135वाँ इंडियन ऑयल डूरंड कप: इंफाल चरण का उद्घाटन

सेना प्रमुख इंफाल के खुमान लम्पाक मुख्य स्टेडियम में आयोजित 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के इंफाल चरण के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। इस अवसर पर मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री वाई. के. सिंह तथा सेना और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

'देश का कप' के नाम से लोकप्रिय डूरंड कप खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। सेना प्रमुख की उपस्थिति ने खेलों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने, समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने और पूर्वोत्तर के लोगों तथा भारतीय फुटबॉल के बीच संबंधों को मजबूत करने की भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

राष्ट्र निर्माण और सामुदायिक संपर्क

सेना प्रमुख ने विभिन्न सैन्य संरचनाओं और असम राइफल्स द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्र निर्माण तथा सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारतीय सेना की उच्च स्तर की परिचालन तैयारी, शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिक प्रशासन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के संकल्प को दर्शाता है।

आगे भी सेना की निगाहें पूर्वोत्तर की बहुआयामी चुनौतियों — सुरक्षा, आपदा राहत और सामुदायिक जुड़ाव — पर एक साथ टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आपदा प्रबंधन और सामुदायिक कूटनीति, तीनों एक साथ। मणिपुर में जातीय तनाव के बीच उच्च-स्तरीय समीक्षा और अग्रिम जवानों से सीधी बातचीत मनोबल की राजनीति भी है। परंतु असली सवाल यह है कि परिचालन समीक्षाएँ जमीनी स्थिरता में कितनी तब्दील होती हैं — विशेषकर जब मणिपुर लंबे समय से सामान्यीकरण की प्रतीक्षा में है। डूरंड कप जैसे आयोजनों में सेना की उपस्थिति 'सॉफ्ट पावर' का सुविचारित प्रयोग है, लेकिन खेल और सुरक्षा के बीच की खाई को पाटने के लिए दीर्घकालिक नीतिगत निरंतरता जरूरी है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पूर्वोत्तर दौरे में क्या किया?
जनरल धीरज सेठ ने 28-29 जुलाई को पूर्वी थिएटर के दो दिवसीय दौरे में मणिपुर की सुरक्षा स्थिति, असम राइफल्स और अन्य सैन्य संरचनाओं की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने बाढ़ राहत अभियानों की प्रगति की जानकारी ली और 135वें डूरंड कप के इंफाल चरण के उद्घाटन में भाग लिया।
मणिपुर में किन सैन्य संरचनाओं की समीक्षा की गई?
सेना प्रमुख ने असम राइफल्स (दक्षिण), असम राइफल्स (पूर्व) और रेड शील्ड डिवीजन की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त 29 जुलाई को दाओ डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन की सुरक्षा तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
135वाँ इंडियन ऑयल डूरंड कप इंफाल में क्यों आयोजित हुआ और कौन उपस्थित रहे?
135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का इंफाल चरण खुमान लम्पाक मुख्य स्टेडियम में आयोजित हुआ। इस उद्घाटन समारोह में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के साथ मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री वाई. के. सिंह और सेना व नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्वोत्तर में बाढ़ राहत में सेना की क्या भूमिका है?
असम सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मानसून के कारण बाढ़ की गंभीर स्थिति है, जिसमें भारतीय सेना नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर बचाव व राहत कार्य चला रही है। सेना प्रमुख ने इन अभियानों की प्रगति की समीक्षा की और जवानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कार्य जारी रखने का आह्वान किया।
रक्षा विशेषज्ञ इस दौरे को कैसे देखते हैं?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा पूर्वोत्तर में भारतीय सेना की उच्च-स्तरीय परिचालन तैयारी, शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता और प्राकृतिक आपदाओं में नागरिक प्रशासन को सहायता देने के संकल्प को दर्शाता है। यह दौरा सेना की बहुआयामी भूमिका को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 12 महीने पहले