थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर मुख्यालय में LOC सुरक्षा और अमरनाथ यात्रा की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 8 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर का दौरा कर चिनार कोर के मुख्यालय में नियंत्रण रेखा (LOC) पर सुरक्षा स्थिति, परिचालन तैयारियों और अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवाद-रोधी अभियानों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैनात हैं।
दौरे का उद्देश्य और मुख्य घटनाक्रम
जनरल सेठ ने चिनार कोर से संबद्ध विभिन्न सैन्य संरचनाओं का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों से परिचालन ब्रीफिंग प्राप्त की। इस दौरान LOC तथा भीतरी क्षेत्रों में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य, युद्धक क्षमता और अभियानगत तत्परता पर विस्तार से चर्चा हुई। आतंकवाद-रोधी अभियानों की प्रगति और विभिन्न सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
अमरनाथ यात्रा सुरक्षा प्रबंध
थलसेना प्रमुख को अमरनाथ यात्रा के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। सेना की परिचालन तैनाती, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही रणनीतियाँ और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप की गई तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इसकी सुरक्षा सेना, अर्धसैनिक बलों तथा पुलिस की संयुक्त जिम्मेदारी होती है।
तकनीकी आधुनिकीकरण और युद्धक तैयारी
जनरल सेठ ने सेना में नई प्रौद्योगिकियों के समावेश, सैन्य क्षमताओं के सुदृढ़ीकरण और सभी प्रकार के अभियानों के लिए एकीकृत युद्धक तैयारी से जुड़े प्रयासों की समीक्षा की। आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे नवाचारों पर उन्होंने विशेष जोर दिया। यह समीक्षा ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब सेना अपनी तकनीकी क्षमताओं को लगातार उन्नत कर रही है।
सैनिकों से संवाद और मनोबल
थलसेना प्रमुख ने क्षेत्र में तैनात अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और जवानों से सीधी बातचीत की। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शित पेशेवर दक्षता, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। जनरल सेठ ने कहा कि सेना के जवानों के अथक प्रयासों के कारण क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहने और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।
आगे की राह
थलसेना प्रमुख की यह समीक्षा जम्मू-कश्मीर में सेना की परिचालन तत्परता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और LOC पर निगरानी दोनों मोर्चों पर सेना की तैयारियाँ जारी रहेंगी।