वेस्टइंडीज पर ICC का 10% जुर्माना, धीमी ओवर-रेट से WTC के 2 अंक कटे; PCT घटकर 15 पर
सारांश
मुख्य बातें
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 8 जुलाई 2025 को कड़ी कार्रवाई करते हुए मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना एंटीगुआ में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान धीमी ओवर-रेट बनाए रखने के कारण लगाया गया है। इसके साथ ही टीम के आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) तालिका से 2 अंक भी काट लिए गए हैं।
नियम क्या कहता है
ICC के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए लागू आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत, यदि कोई टीम निर्धारित समय में अपने सभी ओवर पूरे नहीं कर पाती, तो प्रत्येक कम ओवर पर खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। इस नियम के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना मैच फीस के 50 प्रतिशत तक हो सकता है। वेस्टइंडीज स्वीकृत समय-छूट को ध्यान में रखने के बाद भी 2 ओवर पीछे रही, इसलिए कुल 10 प्रतिशत जुर्माना लागू हुआ।
इसी के साथ, WTC प्लेइंग कंडीशंस के अनुच्छेद 16.11.2 के तहत प्रत्येक कम ओवर पर 1 WTC अंक की कटौती का प्रावधान है। दो ओवर कम रहने के चलते वेस्टइंडीज के खाते से 2 WTC अंक घटा दिए गए।
मैच रेफरी का फैसला
ICC एलीट पैनल के मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने यह निर्णय सुनाया। मैदानी अंपायर पॉल रीफेल और अहसान रजा, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद तथा चौथे अंपायर डेइटन बटलर ने आरोप दर्ज किए थे। वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने आरोपों को स्वीकार करते हुए प्रस्तावित दंड पर सहमति जताई, जिससे औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
WTC तालिका पर असर
अंक कटने के बाद वेस्टइंडीज की प्रतिशत अंक (PCT) 15 रह गई है। टीम इस समय WTC तालिका में आठवें स्थान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब WTC चक्र में हर अंक टीमों के लिए निर्णायक होता है।
सीरीज परिणाम और ऐतिहासिक संदर्भ
एंटीगुआ में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। इसके साथ ही वेस्टइंडीज ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। उल्लेखनीय है कि यह वेस्टइंडीज की श्रीलंका के खिलाफ 23 साल बाद पहली टेस्ट सीरीज जीत है। यह कप्तान रोस्टन चेज की अगुवाई में टीम की पहली टेस्ट सीरीज विजय भी है, जो इस उपलब्धि को और अधिक ऐतिहासिक बनाती है।
आगे क्या
WTC तालिका में नीचे खिसकने के साथ वेस्टइंडीज के लिए आगामी टेस्ट श्रृंखलाओं में ओवर-रेट अनुशासन बनाए रखना और भी ज़रूरी हो जाएगा। टीम प्रबंधन को इस जुर्माने से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने की रणनीति बनानी होगी।