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पंचायत राज में कर्नाटक देशभर के लिए मॉडल: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर का तुमकुरु में ऐलान

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पंचायत राज में कर्नाटक देशभर के लिए मॉडल: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर का तुमकुरु में ऐलान

सारांश

तुमकुरु में एक कार्यशाला के दौरान उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कर्नाटक को पंचायत राज में देश का मॉडल राज्य बताया। गृह लक्ष्मी योजना की विश्व बैंक द्वारा सराहना और 1.44 करोड़ पन्नों के डिजिटलीकरण को उन्होंने शासन की बड़ी उपलब्धि करार दिया।

मुख्य बातें

परमेश्वर ने 8 जुलाई 2026 को तुमकुरु में कहा कि कर्नाटक पंचायत राज में देशभर के लिए मॉडल बन चुका है।
ग्राम पंचायतों को पारदर्शिता, जाति-धर्म से मुक्त विकास और खर्च की ऑडिटिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व विभाग के 1.44 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ई-खजाने में सुरक्षित किया गया है।
गृह लक्ष्मी योजना की विश्व बैंक ने सराहना की; देशभर के 14 राज्यों में इसी तरह की योजनाएँ लागू हुईं।
शिवकुमार ने कलबुर्गी में जल्द पंचायत चुनाव कराने का संकेत दिया है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 8 जुलाई 2026 को तुमकुरु में स्पष्ट कहा कि पंचायत राज व्यवस्था में कर्नाटक पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन चुका है। वे तुमकुरु जिला पंचायत ऑडिटोरियम में ग्राम पंचायत प्रशासकों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के लिए आयोजित 2026–27 की कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

परमेश्वर ने कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों की ज़िम्मेदारी केवल पीने के पानी की आपूर्ति, सड़क विकास और वित्तीय प्रबंधन तक सीमित नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंचायतों को जाति और धार्मिक भेदभाव से मुक्त, समानता और शांति का माहौल बनाने की दिशा में भी काम करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और विकास कार्यों में किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव न हो। खर्च की उचित ऑडिटिंग को उन्होंने शासन का अनिवार्य हिस्सा बताया।

गांधी के ग्राम स्वराज से जुड़ी विरासत

परमेश्वर ने याद दिलाया कि पंचायत राज की अवधारणा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने से उपजी है। 1993 के संवैधानिक संशोधन और 1994 के कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज अधिनियम के माध्यम से राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली की नींव रखी गई, जो आज भी सफलतापूर्वक कार्यरत है।

उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के 1.44 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ई-खजाने में सुरक्षित रखा गया है — जो डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा द्वारा शुरू की गई प्रणालियाँ आज भी राज्य की सेवा में हैं।

पंचायत चुनाव और गृह लक्ष्मी योजना

परमेश्वर ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में कलबुर्गी में जल्द पंचायत चुनाव कराने की बात कही है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य सरकार स्थानीय स्वशासन को और मज़बूत करने की दिशा में सक्रिय है।

गृह लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व बैंक ने इस महिला सशक्तिकरण पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जब यह योजना पहली बार कर्नाटक में शुरू की गई थी, तब विपक्षी नेताओं ने इसकी आलोचना की थी — लेकिन आज देशभर के 14 राज्यों में इसी तरह की योजनाएँ लागू हो चुकी हैं।

तुमकुरु: राज्य के लिए आदर्श ज़िला

परमेश्वर ने तुमकुरु में सरकारी कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने चार बार ज़िले का दौरा किया और सामूहिक प्रयासों से यहाँ के कार्यक्रम पूरे राज्य के लिए मॉडल बन गए।

कार्यक्रम में दिल्ली में राज्य सरकार के विशेष प्रतिनिधि टी.बी. जयचंद्र, डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण, जिला पंचायत सीईओ अश्विजा बी.वी. और पुलिस अधीक्षक अशोक के.वी. सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे की राह

कर्नाटक की पंचायत राज प्रणाली यदि वास्तव में देश के लिए मॉडल बनती है, तो अन्य राज्यों के लिए यह विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में एक व्यावहारिक मार्गदर्शक साबित हो सकती है। पंचायत चुनावों की घोषणा और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन जैसे कदम इस दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे तथ्यों की कसौटी पर परखना ज़रूरी है — क्योंकि विकेंद्रीकरण के वादे और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है। गृह लक्ष्मी जैसी योजनाओं को विश्व बैंक की सराहना मिलना सकारात्मक है, पर असली सवाल यह है कि ग्राम पंचायतों को दिए गए वित्तीय अधिकारों का उपयोग कितनी जवाबदेही के साथ हो रहा है। 1.44 करोड़ पन्नों का डिजिटलीकरण प्रशासनिक दक्षता की दिशा में ठोस कदम है, लेकिन डेटा तक आम नागरिक की पहुँच और उसकी उपयोगिता का मूल्यांकन अभी बाकी है। पंचायत चुनावों में देरी के संदर्भ में 'जल्द चुनाव' की बात राजनीतिक संकेत भी हो सकती है — इसे केवल प्रशासनिक घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक को पंचायत राज में देश का मॉडल क्यों कहा जा रहा है?
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के अनुसार, 1993 के संवैधानिक संशोधन और 1994 के कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज अधिनियम के बाद राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली सफलतापूर्वक काम कर रही है। डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, गृह लक्ष्मी जैसी योजनाओं और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन को इसके प्रमुख कारण बताया गया है।
गृह लक्ष्मी योजना क्या है और विश्व बैंक ने इसकी सराहना क्यों की?
गृह लक्ष्मी योजना कर्नाटक सरकार की महिला सशक्तिकरण पहल है, जिसे राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लागू किया गया था। विश्व बैंक ने इस पहल की सराहना की है और आज देशभर के 14 राज्यों में इसी तरह की योजनाएँ चल रही हैं।
कर्नाटक में पंचायत चुनाव कब होंगे?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में कलबुर्गी में जल्द पंचायत चुनाव कराने की बात कही है, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
ई-खजाने में 1.44 करोड़ पन्नों के डिजिटलीकरण का क्या महत्व है?
राजस्व विभाग के 1.44 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ई-खजाने में सुरक्षित रखा गया है, जिससे भूमि और राजस्व रिकॉर्ड तक पहुँच आसान और पारदर्शी हुई है। यह कदम भ्रष्टाचार कम करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तुमकुरु में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य क्या था?
यह कार्यशाला ग्राम पंचायत प्रशासकों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के लिए 2026–27 की प्रशिक्षण श्रृंखला का हिस्सा थी। इसमें पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक समानता और विकास कार्यों में जवाबदेही पर जोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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