पंचायत राज में कर्नाटक देशभर के लिए मॉडल: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर का तुमकुरु में ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 8 जुलाई 2026 को तुमकुरु में स्पष्ट कहा कि पंचायत राज व्यवस्था में कर्नाटक पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन चुका है। वे तुमकुरु जिला पंचायत ऑडिटोरियम में ग्राम पंचायत प्रशासकों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के लिए आयोजित 2026–27 की कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
परमेश्वर ने कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों की ज़िम्मेदारी केवल पीने के पानी की आपूर्ति, सड़क विकास और वित्तीय प्रबंधन तक सीमित नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंचायतों को जाति और धार्मिक भेदभाव से मुक्त, समानता और शांति का माहौल बनाने की दिशा में भी काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और विकास कार्यों में किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव न हो। खर्च की उचित ऑडिटिंग को उन्होंने शासन का अनिवार्य हिस्सा बताया।
गांधी के ग्राम स्वराज से जुड़ी विरासत
परमेश्वर ने याद दिलाया कि पंचायत राज की अवधारणा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने से उपजी है। 1993 के संवैधानिक संशोधन और 1994 के कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज अधिनियम के माध्यम से राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली की नींव रखी गई, जो आज भी सफलतापूर्वक कार्यरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के 1.44 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ई-खजाने में सुरक्षित रखा गया है — जो डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा द्वारा शुरू की गई प्रणालियाँ आज भी राज्य की सेवा में हैं।
पंचायत चुनाव और गृह लक्ष्मी योजना
परमेश्वर ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में कलबुर्गी में जल्द पंचायत चुनाव कराने की बात कही है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य सरकार स्थानीय स्वशासन को और मज़बूत करने की दिशा में सक्रिय है।
गृह लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व बैंक ने इस महिला सशक्तिकरण पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जब यह योजना पहली बार कर्नाटक में शुरू की गई थी, तब विपक्षी नेताओं ने इसकी आलोचना की थी — लेकिन आज देशभर के 14 राज्यों में इसी तरह की योजनाएँ लागू हो चुकी हैं।
तुमकुरु: राज्य के लिए आदर्श ज़िला
परमेश्वर ने तुमकुरु में सरकारी कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने चार बार ज़िले का दौरा किया और सामूहिक प्रयासों से यहाँ के कार्यक्रम पूरे राज्य के लिए मॉडल बन गए।
कार्यक्रम में दिल्ली में राज्य सरकार के विशेष प्रतिनिधि टी.बी. जयचंद्र, डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण, जिला पंचायत सीईओ अश्विजा बी.वी. और पुलिस अधीक्षक अशोक के.वी. सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की राह
कर्नाटक की पंचायत राज प्रणाली यदि वास्तव में देश के लिए मॉडल बनती है, तो अन्य राज्यों के लिए यह विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में एक व्यावहारिक मार्गदर्शक साबित हो सकती है। पंचायत चुनावों की घोषणा और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन जैसे कदम इस दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।