‘CM बनना चाहता था, पर हाईकमान का फैसला मंजूर’: डिप्टी CM जी. परमेश्वर का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 3 जून को बेंगलुरु में स्पष्ट तौर पर स्वीकार किया कि वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस हाईकमान के फैसले को उन्होंने पूरे मन से कबूल कर लिया है। डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद परमेश्वर ने यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने पार्टी अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व को सर्वोपरि बताया।
मुख्य घटनाक्रम
परमेश्वर ने कहा कि यह सच है कि वह मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, परंतु एक अनुशासित कांग्रेस कार्यकर्ता के नाते पार्टी नेतृत्व का निर्णय मानना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हाईकमान जो भी फैसला लेता है, उसे स्वीकार करना उनका सदैव का सिद्धांत रहा है।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद को किसी भी रूप में ‘डिमोशन’ मानने से इनकार किया। उनके अनुसार, यह जनता की सेवा का एक नया अवसर है और किसी भी पद से जनसेवा करने का मौका सम्मान की बात है।
समुदाय की अनदेखी के आरोपों पर सफ़ाई
नेतृत्व चयन में किसी विशेष समुदाय की उपेक्षा किए जाने के आरोपों को परमेश्वर ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समय-समय पर अलग-अलग नेताओं को नेतृत्व का अवसर देती रही है और इस बार पार्टी ने डीके शिवकुमार पर भरोसा जताया है, जिसके लिए वह उन्हें बधाई देते हैं।
गौरतलब है कि कर्नाटक में दलित नेतृत्व और वोक्कालिगा-लिंगायत समीकरणों को लेकर कांग्रेस के भीतर लंबे समय से खींचतान चलती रही है, और परमेश्वर का यह बयान पार्टी के भीतर असंतोष की किसी भी अटकल को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
विभाग बँटवारे पर रुख़
मंत्रालयों के बँटवारे पर परमेश्वर ने कहा कि यह विशेषाधिकार पूरी तरह पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें यह नहीं पता कि उन्हें कौन-सा विभाग मिलेगा।
उन्होंने जोड़ा कि यदि गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी फिर मिलती है तो वह उसे जारी रखेंगे, और यदि कोई अन्य विभाग सौंपा जाता है तो वहाँ भी पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
हाईकमान का आभार
परमेश्वर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन के इस अहम मोड़ पर पार्टी ने उन पर भरोसा जताकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
आगे की राह
उपमुख्यमंत्री के रूप में परमेश्वर ने कांग्रेस की विचारधारा और चुनावी वादों के अनुरूप कर्नाटक की जनता के लिए काम करने का संकल्प दोहराया। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बँटवारे पर पार्टी हाईकमान का अंतिम फैसला अपेक्षित है, जो प्रदेश की सियासी दिशा तय करेगा।