कर्नाटक CM मनोनीत डीके शिवकुमार बोले — मंत्रियों की शपथ पर फैसला हाईकमान करेगा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 31 मई को स्पष्ट किया कि 3 जून के शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ मंत्री शपथ लेंगे या नहीं, यह फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा। उन्होंने कहा कि वे इस विषय पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते।
हाईकमान के हाथ में बागडोर
बेंगलुरु में रेस कोर्स रोड के पास प्रस्तावित कांग्रेस भवन स्थल का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, 'मुझे इसके बारे में नहीं पता। पार्टी हाईकमान फैसला लेगा। मैं इस मामले पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता।' यह बयान ऐसे समय आया है जब नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल की संरचना को लेकर अटकलें तेज़ हैं।
शपथ ग्रहण की तैयारियाँ
शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। शिवकुमार ने बताया कि यह स्थान इसलिए चुना गया ताकि शहरवासियों को ट्रैफिक जाम की परेशानी न हो। कार्यक्रम सादगी से होगा और केवल आमंत्रित अतिथियों को ही प्रवेश मिलेगा। वेन्यू पर जगह सीमित होने के कारण आम पार्टी कार्यकर्ताओं को शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा, हालाँकि कांग्रेस कार्यालय में LED स्क्रीन पर समारोह का सीधा प्रसारण देखने की व्यवस्था की जाएगी।
किन्हें मिलेगा न्योता
शिवकुमार ने बताया कि सभी ब्लॉक और जिला कांग्रेस अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्टी के विभिन्न फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों, सांसदों तथा विभिन्न निगमों और बोर्डों के चेयरपर्सन को आमंत्रण भेजा जाएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी माँगते हुए कहा, 'जिन्होंने हमारे लिए काम किया और संघर्ष किया, उन्हें कम से कम कांग्रेस कार्यालय में समारोह देखने का मौका मिलेगा।'
राहुल गांधी और खड़गे की उपस्थिति अनिश्चित
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभी तक अपनी उपस्थिति की पुष्टि नहीं की है। शिवकुमार को अभी तक राहुल गांधी को आधिकारिक निमंत्रण नहीं दिया गया है। समारोह की तैयारियाँ वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी की अगुवाई में चल रही हैं।
कांग्रेस भवन और आगे की योजनाएँ
शिवकुमार ने बताया कि 3 जून के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद रेस कोर्स रोड के निकट नए कांग्रेस भवन के लिए भूमि पूजा का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा राज्यभर में 100 पार्टी कार्यालयों की नींव रखने की योजना भी आने वाले दिनों में शुरू की जाएगी। यह कदम कर्नाटक में कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।