DK शिवकुमार आज बनेंगे कर्नाटक के नए CM, शाम 4:05 बजे ग्लास हाउस में लेंगे शपथ
सारांश
मुख्य बातें
डीके शिवकुमार बुधवार, 3 जून को शाम 4:05 बजे बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। राज्यपाल थावरचंद गहलोत उन्हें और नई कैबिनेट के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे, जो प्रदेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
समारोह में कौन-कौन होगा शामिल
भावी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, इस समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, सांसद और कई वरिष्ठ नेता भी इस ऐतिहासिक मौके के गवाह बनेंगे।
समावेशी अतिथि सूची, जमीनी चेहरों को न्योता
आमंत्रण सूची में एक अहम बदलाव यह है कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को जगह दी गई है। अलग-अलग धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले धार्मिक नेताओं के साथ कनकपुरा के डोड्डलाहल्ली स्थित सरकारी स्कूल के छात्रों को भी विशेष रूप से बुलाया गया है।
दिहाड़ी मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, किसान नेताओं, दलित संगठनों के प्रतिनिधियों, पिछड़े वर्ग के संगठनों के नेताओं, महिला स्वयं-सहायता समूहों, महिला और युवा नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। मीडिया, फिल्म जगत, न्यायपालिका, खेल, रंगमंच, साहित्य, उद्योग, कारोबार और होटल उद्योग से जुड़ी हस्तियाँ भी समारोह में पहुँचेंगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह व्यापक अतिथि सूची नई सरकार की 'समावेशी शासन' की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने का सुनियोजित प्रयास है।
शिवकुमार का संकल्प: 'युवाओं के लिए नया युग'
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले मंगलवार को शिवकuमार ने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य में ‘युवाओं के लिए एक नए युग’ की शुरुआत होगी। उन्होंने अपनी नियुक्ति को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत बताया और स्वीकार किया कि आगे की राह आसान नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने एक कार्यकर्ता को मौका दिया है, किसी नेता को नहीं। मुझ पर जो भरोसा जताया गया है, उसके लिए मैं तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ। मुझे पता है कि आगे का रास्ता आसान नहीं होगा और मुश्किल दौर भी आएंगे, लेकिन मुझे उनका सामना करते हुए कड़ी मेहनत जारी रखनी है।’
बेंगलुरु के जरिए दुनिया देखती है भारत को
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और वह पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियाँ निभाएँगे। उन्होंने कहा, ‘दुनिया ने बेंगलुरु के जरिए ही भारत को देखा है। कर्नाटक एक बहुत ही अहम राज्य है… इसलिए मुझे समाज के हर तबके को साथ लेकर चलना होगा।’
समावेशी शासन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के लिए काम करेगी।
‘देर हुई, लेकिन नकारा नहीं गया’
अपने राजनीतिक सफर पर बोलते हुए शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने को अपनी लगन और कड़ी मेहनत का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, ‘यह एक मुश्किल सफर रहा है। भले ही इसमें देर हुई हो, लेकिन इसे नकारा नहीं गया। यह सिर्फ शिवकुमार की बात नहीं है, यह कांग्रेस के हर उस कार्यकर्ता की बात है जो पार्टी के साथ खड़ा रहा और उसके लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता था।’
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि नई कैबिनेट का स्वरूप क्या होगा और शिवकुमार सरकार अपने पहले 100 दिनों में किन प्राथमिकताओं पर काम शुरू करती है।