DK शिवकुमार बने कर्नाटक के 25वें CM, PM मोदी ने दी बधाई, केंद्र के सहयोग का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जून को डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। शिवकुमार ने बेंगलुरु स्थित लोक भवन परिसर के ग्लास हाउस में आयोजित समारोह में शाम 4:10 बजे पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिसके साथ ही नई कांग्रेस सरकार ने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया।
मोदी और राजनाथ की बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक की जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर बधाई संदेश साझा करते हुए लिखा, ‘डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। कर्नाटक के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्हें मेरी शुभकामनाएं।'
शपथ ग्रहण समारोह की झलक
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शिवकुमार को शपथ दिलाई। समर्थकों के नारों के बीच मंच पर पहुंचे शिवकुमार ने अपने आध्यात्मिक गुरु माने जाने वाले संत श्री वीर गंगाधर स्वामीजी — जिन्हें ‘अज्जय्या' या ‘नोनाविनाकेरे अज्जा' के नाम से जाना जाता है — के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और संविधान की प्रति हाथ में लेकर पद की शपथ ली।
समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्' से हुई, जिसके बाद कर्नाटक राज्य पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्य गीत भी बजाया गया।
मंत्रिमंडल का गठन
शिवकुमार के साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली। दलित समुदाय के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंत्रिमंडल गठन के पहले चरण में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पुत्र और कांग्रेस MLC यतींद्र सिद्दारमैया तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर को भी शामिल किया गया।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को कांग्रेस के भीतर सत्ता-साझेदारी फार्मूले के क्रियान्वयन के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद से चर्चा चल रही थी।
आगे क्या
नई सरकार के सामने अब चुनावी गारंटियों के क्रियान्वयन, राजकोषीय संतुलन और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को साधने की चुनौती होगी। मंत्रिमंडल विस्तार के अगले चरण और विभागों के बंटवारे पर आने वाले दिनों में फैसला अपेक्षित है।