कर्नाटक: डी.के. शिवकुमार बुधवार को लेंगे CM पद की शपथ, कांग्रेस में जश्न का माहौल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस शासित कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है, जहाँ डी.के. शिवकुमार बुधवार, 4 जून को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बेंगलुरु में मंगलवार से ही कांग्रेस नेताओं और विधायकों का जमावड़ा शुरू हो गया है, और शपथ ग्रहण समारोह व मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ है।
शिवकुमार ने क्या कहा
मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डी.के. शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा कि बुधवार को सुबह 10 बजे के बाद या दोपहर तक दिल्ली से मंत्रियों के नामों की सूची भेजी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम सभी मिलकर उन नामों पर चर्चा करेंगे और अपनी राय साझा करेंगे। अंतिम फैसला आलाकमान ही करेगी और मुझे सूचित करेगी, जिसके बाद मैं सूची राजभवन को भेज दूंगा।’
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस भवन में प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और गारंटी समिति के सदस्य ‘भारत जोड़ो भवन’ में एकत्र होंगे।
मंत्रिमंडल विस्तार पर अटकलें
कैबिनेट गठन को लेकर पार्टी के भीतर कई दावे सामने आ रहे हैं। उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल नई दिल्ली में आलाकमान के साथ बैठक के बाद बेंगलुरु लौटे और कहा, ‘आधिकारिक तौर पर अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है।’
कांग्रेस विधायक के.एच. मुनियप्पा ने कहा कि दिल्ली में कुछ नामों को मंज़ूरी मिल चुकी है, लेकिन उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उनके अनुसार शिवकुमार की आवश्यकता के अनुसार करीब 10 से 15 मंत्री शपथ ले सकते हैं। वहीं विधायक ए.आर. कृष्णमूर्ति ने दावा किया कि पहले चरण में लगभग नौ से दस नामों को मंज़ूरी दी गई है, जबकि शेष मंत्रियों को राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के बाद अलग-अलग चरणों में शामिल किया जाएगा।
विधायक एम.सी. सुधाकर ने कहा कि निर्णय हो चुका है, लेकिन सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि यह आंशिक विस्तार होगा और पूर्ण विस्तार MLC व राजस्थान चुनावों के बाद संभव है।
केरल से पहुँचे मंत्री, कांग्रेस में उत्साह
केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन और पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुँच गए हैं। विष्णुनाथ ने कहा, ‘नए मुख्यमंत्री पदभार ग्रहण कर रहे हैं और हम समारोह में शामिल होने के लिए यहां आए हैं। यह सभी के लिए खुशी का अवसर है।’
विधायक लक्ष्मी आर. हेब्बालकर ने कहा कि हाईकमान फैसला ले चुका है और कर्नाटक की जनता से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे। नेता शरण प्रकाश पाटिल ने इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया, जबकि महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त किए जाने का स्वागत किया।
अल्पसंख्यक मांगें और विपक्ष की प्रतिक्रिया
विधायक रहीम खान ने हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के अल्पसंख्यक समुदाय की मांगों का उल्लेख किया और बताया कि दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है। उन्होंने बीदर विधानसभा क्षेत्र का भी दौरा किया, जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय पद पर बनाए रखने की मांग कर रहा है।
भाजपा नेता मुरुगेश निरानी ने कहा, ‘कर्नाटक में नई सरकार के गठन को एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि नई सरकार प्रशासन को किस प्रकार संभालेगी।’
क्या होगा आगे
शपथ ग्रहण समारोह और मंत्रिमंडल के अंतिम स्वरूप को लेकर आलाकमान की औपचारिक घोषणा का इंतज़ार है। माना जा रहा है कि बुधवार दोपहर तक मंत्रियों की सूची स्पष्ट हो जाएगी, और दूसरे चरण का विस्तार आगामी विधान परिषद चुनावों के बाद संभव है।