DK शिवकुमार बुधवार को लेंगे कर्नाटक CM पद की शपथ, राहुल गांधी और खड़गे रहेंगे मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार बुधवार शाम बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे, और उनके साथ नई मंत्रिपरिषद के सदस्य भी पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। राज्यपाल थावरचंद गहलोत समारोह में सभी को शपथ दिलाएँगे, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
मुख्य घटनाक्रम
शिवकुमार के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला उपस्थित रहेंगे। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, सांसद तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता भी भाग लेंगे।
समावेशी अतिथि सूची
शपथ ग्रहण को नई सरकार की समावेशी सोच के संकेत के रूप में पेश किया जा रहा है। समारोह में अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया गया है, साथ ही कनकपुरा के डोड्डालहल्ली सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को भी बुलाया गया है। दिहाड़ी मज़दूर, सफ़ाई कर्मचारी, किसान संगठनों के प्रतिनिधि, दलित और पिछड़ा वर्ग संगठनों के नेता, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य तथा युवा नेता भी अतिथि सूची में शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त मीडिया, फ़िल्म जगत, न्यायपालिका, खेल, रंगमंच, साहित्य, कला, उद्योग और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी समारोह का हिस्सा बनाया गया है। इसे सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
शिवकुमार का बयान
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले शिवकुमार ने कहा कि उनके नेतृत्व में कर्नाटक के युवाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनना केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि कांग्रेस के हर कार्यकर्ता की जीत है।
उन्होंने कहा, ‘यह सफर आसान नहीं था। देरी ज़रूर हुई, लेकिन अवसर मिला। अब मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर राज्य के विकास के लिए काम करूँ।’
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस की कमान को लेकर लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बाद शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया गया है। उनके अपने शब्दों में ‘देरी’ का संकेत इसी आंतरिक राजनीतिक प्रक्रिया की ओर है। पार्टी ने राष्ट्रीय नेतृत्व की सामूहिक उपस्थिति के ज़रिए संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने की तैयारी की है।
क्या होगा आगे
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मंत्रिपरिषद के विभागों के बँटवारे और प्राथमिकता वाले नीतिगत क़दमों पर नज़र रहेगी। शिवकुमार के बयानों के अनुसार, किसान, महिलाएँ और युवा नई सरकार के एजेंडे के केंद्र में रहेंगे।