डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री, बेंगलुरु में भव्य समारोह में ली शपथ
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने 3 जून बुधवार को कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु स्थित लोक भवन परिसर के ग्लास हाउस में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही दक्षिण भारत के इस अहम राज्य की सत्ता का बागडोर औपचारिक रूप से कांग्रेस के पुराने रणनीतिकार के हाथों में आ गई।
मुख्य घटनाक्रम
समर्थकों के नारों के बीच मंच पर पहुँचे शिवकुमार ने सबसे पहले अपने आध्यात्मिक गुरु माने जाने वाले श्री वीर गंगाधर स्वामीजी (अज्जैया) के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली और वीर गंगाधर अज्जा का स्मरण किया।
समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई, जिसके बाद कर्नाटक राज्य पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया और राज्य गीत भी बजाया गया। कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने अतिथियों और गणमान्य लोगों का स्वागत किया।
सिद्दारमैया को सम्मान, फिर शपथ
औपचारिक कार्यक्रम शुरू होने से पहले शिवकुमार ने निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह संकेत राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से दोनों नेताओं के बीच रस्साकशी की चर्चा चलती रही है।
मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने राज्यपाल गहलोत से शपथ ग्रहण समारोह शुरू करने की औपचारिक अनुमति मांगी। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद ही औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।
शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी
समारोह में पार्टी के दिग्गज चेहरे मौजूद रहे। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और संवैधानिक पदाधिकारी भी समारोह स्थल पर मौजूद रहे।
क्यों है यह बदलाव अहम
गौरतलब है कि शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के संगठनात्मक मोर्चे पर पार्टी की धुरी रहे हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की निर्णायक जीत के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते रहे हैं। दक्षिण भारत के सबसे बड़े कांग्रेस-शासित राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति के लिहाज़ से भी अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या
नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों के बँटवारे और लंबित नीतिगत फ़ैसलों पर अब निगाहें टिकी रहेंगी। समारोह के साथ ही कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई और शिवकुमार ने राज्य की कमान औपचारिक रूप से संभाल ली।