DK शिवकुमार के कर्नाटक CM बनने पर शशि थरूर की बधाई, ‘समावेशी विकास के नए युग’ की कामना
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार बुधवार, 3 जून को बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में शाम 4:05 बजे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में राज्य ‘समृद्धि, धर्मनिरपेक्ष शासन और समावेशी विकास के एक नए युग’ की ओर बढ़ेगा।
थरूर का संदेश
थरूर ने शिवकुमार के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ ग्रहण करने पर मैं डीके शिवकुमार को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं। मैं उनके सफल और सार्थक कार्यकाल की कामना करता हूं, जिसके दौरान वे अपने इस अद्भुत राज्य को समृद्धि, धर्मनिरपेक्ष शासन और समावेशी विकास के एक नए युग की ओर अग्रसर करेंगे।”
नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि
कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को पद से हटाकर शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपी है। यह बदलाव पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही कुर्सी की रस्साकशी का पटाक्षेप माना जा रहा है, जो 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद से सुर्खियों में थी।
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
केरल से कांग्रेस सांसद एंटो एंटनी शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने बेंगलुरु पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं यहां डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने आया हूं। यह एक गर्व का पल है। वह एक दमदार नेता हैं जिन्होंने पार्टी के लिए बहुत योगदान दिया है। अब उन्हें इसका इनाम देने का समय आ गया है।”
महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने शिवकुमार की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “जब भी राज्य में पार्टी किसी मुश्किल में फंसी है, उन्होंने हमेशा कांग्रेस को आगे बढ़ाने में मदद की है। उन्हें अपने राज्य के बाहर भी एक जुझारू नेता के तौर पर जाना जाता है।”
वडेट्टीवार ने आगे जोड़ा, “डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के प्रति अपने जुड़ाव से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा कहा है, ‘मैं जेल जाना पसंद करूंगा, लेकिन भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा।’ वे इस बात पर अडिग रहे, और आज, जो लड़ता है, वही जीतता है।”
आगे की राह
शिवकुमार के सामने सत्तारूढ़ कांग्रेस की पाँच गारंटियों को सुचारू रूप से लागू करने, मंत्रिमंडल विस्तार में संतुलन साधने और सिद्धारमैया खेमे को साथ लेकर चलने की कड़ी चुनौती होगी। राज्य की राजनीति में आज शाम होने वाला शपथ ग्रहण कांग्रेस के दक्षिणी गढ़ के लिए नई दिशा तय कर सकता है।