फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 82वां संस्करण: 15,000 से अधिक वेन्यू पर आयोजन, मांडविया ने की साइकिलिंग अपनाने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 19 जुलाई 2025 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' के 82वें संस्करण का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम देशभर में 15,000 से अधिक स्थानों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें नेशनल हेल्थ मिशन के स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाना, प्रदूषण को नियंत्रित करना और नागरिकों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
दिल्ली में कार्यक्रम का स्वरूप
इंडिया गेट सर्कल और कर्तव्य पथ के आसपास ओलंपिक हॉकी खिलाड़ी एवं एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की स्वर्ण पदक विजेता प्रीति दुबे, 'फिट इंडिया' एंबेसडर चारुल मलिक और आयुष मंत्रालय की योग एवं वेलनेस कोच अनीता सोलंकी ने साइकिल चलाई। इंडिया गेट के निकट बड़ी संख्या में नागरिक अपनी साइकिलें लेकर पहुँचे, जबकि अन्य प्रतिभागियों ने 'फिट इंडिया' की ओर से उपलब्ध कराई गई साइकिलों का उपयोग किया।
बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष 'गेम जोन' बनाया गया था, जिसमें विशालकाय लूडो और शतरंज बोर्ड के साथ-साथ कैरम, टेबल टेनिस, फुटसल और बैडमिंटन की सुविधाएँ भी उपलब्ध थीं। कार्यक्रम में दौड़, योग और जुम्बा जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।
मंत्री मांडविया का संदेश
मांडविया ने कार्यक्रम में कहा, 'आज 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' का 82वां संस्करण है। देश भर के स्वास्थ्यकर्मियों ने आज 15,000 से ज़्यादा जगहों पर साइकिल चलाकर सेहत और फिटनेस का संदेश दिया है और इस तरह प्रधानमंत्री के 'फिट इंडिया' आंदोलन से जुड़े हैं।' उन्होंने आगे कहा कि साइकिल चलाना एक छोटी सी कोशिश है, लेकिन इसके नतीजे बहुत बड़े होते हैं — हर रविवार सिर्फ एक घंटे की साइकिलिंग से नागरिक फिट रह सकते हैं, प्रदूषण घटा सकते हैं और देश के ईंधन संसाधन बचा सकते हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर की भूमिका
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर अंशुल मुद्गल ने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के साथ इस साझेदारी का लक्ष्य प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा, 'अब तक दिल्ली में 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया जा चुका है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग बीमार ही न पड़ें।' मुद्गल ने इस पहल को 'बेहतरीन' करार देते हुए इसका हिस्सा बनने पर प्रसन्नता जताई।
अभियान की व्यापकता और आगे की राह
यह कार्यक्रम दिसंबर 2024 में मांडविया द्वारा शुरू किया गया था और अब यह एक देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। अभियान की मूल भावना 'फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज' के इर्द-गिर्द बनी है। अब तक 30 लाख से अधिक लोग इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से भाग ले चुके हैं, जबकि 2025 से 'फिट इंडिया' अभियानों से 8 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों — जैसे मधुमेह और हृदय रोग — में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले हफ्तों में इस अभियान के और अधिक संस्करण देशभर में आयोजित होने की संभावना है।