4 सितंबर 2026
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सनातन पर राहुल गांधी के निशाने पर अनिरुद्धाचार्य का पलटवार — तीन तलाक पर चुप्पी क्यों?

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सनातन पर राहुल गांधी के निशाने पर अनिरुद्धाचार्य का पलटवार — तीन तलाक पर चुप्पी क्यों?

सारांश

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने मथुरा में राहुल गांधी की मनुस्मृति टिप्पणी को सनातन का अपमान बताया और सीधा सवाल दागा — तीन तलाक और हलाला पर चुप्पी क्यों? राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति का स्वागत किया और आरक्षण को गरीबी रेखा से जोड़ने की वकालत की।

मुख्य बातें

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने 4 सितंबर को मथुरा में राहुल गांधी पर सनातन धर्म को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
पुणे के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मनुस्मृति पर राहुल गांधी की टिप्पणी को अनिरुद्धाचार्य ने 'अज्ञानतापूर्ण' बताया।
उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि वे तीन तलाक , हलाला और बुर्का जैसे मुद्दों पर मौन क्यों रहते हैं।
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में नियुक्ति का स्वागत किया।
आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की जगह गरीबी रेखा से नीचे के लोगों तक सीमित करने की वकालत की।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने शुक्रवार, 4 सितंबर को मथुरा में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान 'मनुस्मृति' का संदर्भ देकर राहुल गांधी ने सनातन धर्म को जानबूझकर निशाना बनाया और उसका अपमान किया।

मनुस्मृति पर राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना

अनिरुद्धाचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर आप मनुस्मृति को नहीं समझते हैं, तो आप इसमें क्यों पड़ रहे हैं? अगर आप इसका अध्ययन करेंगे तो आपको धर्म का ज्ञान होगा।' उन्होंने राहुल गांधी से इस प्राचीन हिंदू ग्रंथ को पढ़ने का आग्रह किया और कहा कि इसी में महिलाओं के सम्मान की बात कही गई है।

तीन तलाक और हलाला पर सवाल

कथावाचक ने राहुल गांधी की कथित 'चयनात्मक आलोचना' पर सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या राहुल गांधी ने कभी तीन तलाक के बारे में बात की? क्या उन्होंने कभी बुर्का या हलाला के बारे में बात की? क्या हलाला और तीन तलाक महिलाओं के सम्मान के लिए हैं? वह इनमें से किसी भी मुद्दे पर बात नहीं करते। वह सिर्फ सनातन को निशाना बनाते हैं और सनातन का अपमान करते रहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को 'देवी' का दर्जा दिया गया है और किसी को राहुल गांधी को यह समझाना चाहिए।

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ पर प्रतिक्रिया

एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में नियुक्ति पर अनिरुद्धाचार्य ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह अच्छी बात है। अब जब उन्हें जिम्मेदारी दी गई है, तो वह ईमानदारी से काम करेंगे। भगवान से मेरी यही उम्मीद और प्रार्थना है कि वे सभी नए ट्रस्टी ईमानदारी से काम करें।'

आरक्षण पर अनिरुद्धाचार्य का रुख

आरक्षण विवाद पर अपनी राय रखते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि यह व्यवस्था समाप्त नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे वास्तव में ज़रूरतमंद गरीबों तक पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जब तक किसी व्यक्ति को जरूरत हो, उसे मदद दी जानी चाहिए। पढ़ाई-लिखाई करने, कमाने और मंत्री बनने के बाद उन्हें उस मदद की जरूरत नहीं रहती। जो लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, उन्हें मदद दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।'

जन्माष्टमी और बदलते उत्सव

अनिरुद्धाचार्य ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि त्योहार का मूल अर्थ तो अपरिवर्तित है, परंतु समय के साथ इसे मनाने के तरीकों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब जिसे भी समय मिलता है, वह अपने तरीके से उत्सव में सम्मिलित हो जाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब धार्मिक-राजनीतिक विमर्श देश में एक बार फिर केंद्र में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक अधिकारों के संदर्भ में देखता है। आरक्षण पर अनिरुद्धाचार्य की 'आय-आधारित' दलील नई नहीं है, लेकिन एक धार्मिक मंच से इसका उठाया जाना इसे राजनीतिक वज़न देता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों के व्यापक चुनावी संदर्भ को नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनिरुद्धाचार्य ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
अनिरुद्धाचार्य ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पुणे के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मनुस्मृति का उल्लेख कर सनातन धर्म को जानबूझकर निशाना बनाया और उसका अपमान किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी तीन तलाक और हलाला जैसे मुद्दों पर कभी नहीं बोलते।
अनिरुद्धाचार्य ने मनुस्मृति पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जो मनुस्मृति को नहीं समझते, उन्हें इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार इस प्राचीन ग्रंथ में ही महिलाओं के सम्मान की बात कही गई है और राहुल गांधी को इसे पढ़ना चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ कौन हैं और अनिरुद्धाचार्य ने क्या कहा?
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है। अनिरुद्धाचार्य ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी नए ट्रस्टी ईमानदारी से अपना दायित्व निभाएँ।
आरक्षण पर अनिरुद्धाचार्य का क्या रुख है?
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था समाप्त नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे उन लोगों तक सीमित किया जाना चाहिए जो वास्तव में गरीबी रेखा से नीचे हैं। जो लोग शिक्षित होकर आर्थिक रूप से सक्षम हो चुके हैं, उन्हें इस सुविधा की ज़रूरत नहीं रहती।
यह विवाद किस कार्यक्रम से शुरू हुआ?
यह विवाद पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति का उल्लेख किए जाने के बाद शुरू हुआ। अनिरुद्धाचार्य ने 4 सितंबर को मथुरा में इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की।
राष्ट्र प्रेस
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