राहुल गांधी के 'पितृसत्ता' बयान पर रिजिजू का पलटवार: 'हमेशा हिंदुओं को ही क्यों निशाना बनाते हो?'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 24 अगस्त को लोकसभा में नेता विपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 'पितृसत्ता खत्म करो' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। रिजिजू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस पर हिंदू समाज को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया और अल्पसंख्यक महिलाओं के अधिकारों पर पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
रिजिजू ने क्या कहा
रिजिजू ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस कहती है, पितृसत्ता को खत्म करो। हमेशा सिर्फ हिंदुओं को ही निशाना क्यों बनाया जाता है? अल्पसंख्यक महिलाओं का क्या? तीन तलाक का क्या? क्या मुस्लिम लड़कियाँ हमारी बहनें और बेटियाँ नहीं हैं? अगर आप सच में महिलाओं के साथ खड़े हैं, तो हर महिला, हर समुदाय और हर समय उनके साथ खड़े रहें।'
मंत्री ने आगे कहा कि भारतीय बेटियाँ आज इसरो में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं, फाइटर जेट उड़ा रही हैं और ओलंपिक में पदक जीत रही हैं। उन्होंने 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' जैसी सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी शक्ति का प्रमाण इन उपलब्धियों में स्पष्ट है। रिजिजू ने चेतावनी दी कि भारतीय समाज को बाँटने के लिए भारतीय बेटियों को कमतर न आँका जाए।
राहुल गांधी का मूल बयान
पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्राओं से संवाद करते हुए मनुस्मृति का एक श्लोक उद्धृत किया था। उन्होंने कहा था कि इसमें महिला को बचपन में पिता, युवावस्था में पति और पति की मृत्यु के बाद पुत्रों के अधीन बताया गया है। गांधी ने इस व्यवस्था को 'शर्मनाक' करार देते हुए कहा था कि महिलाओं की अपनी स्वतंत्र पहचान है, जो पिता, पति या बेटे तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संसद में भी उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
भाजपा की व्यापक प्रतिक्रिया
रिजिजू के अलावा अन्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने भी कांग्रेस को घेरा। उनका तर्क था कि पार्टी का एजेंडा केवल एक समुदाय को लक्षित करना है, जबकि अल्पसंख्यक समाज में महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव — जैसे तीन तलाक — पर वह मौन रहती है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तीकरण की बात यदि करनी है, तो वह हर धर्म और हर समुदाय की महिलाओं के लिए समान रूप से होनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसद के मानसून सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सामाजिक मुद्दों पर तनाव पहले से ही चरम पर है। गौरतलब है कि तीन तलाक उन्मूलन BJP की प्रमुख उपलब्धियों में से एक रहा है, जिसे पार्टी मुस्लिम महिला सशक्तीकरण के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करती है। कांग्रेस के 'पितृसत्ता' विमर्श को BJP ने हिंदू परंपराओं पर हमले के रूप में चित्रित किया है, जो आगामी चुनावी मौसम में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कथा बन सकती है।
आगे क्या
दोनों दलों के बीच यह वाकयुद्ध संसद के भीतर और बाहर जारी रहने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से अभी तक रिजिजू के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला अधिकार और धार्मिक समानता का यह विमर्श आने वाले हफ्तों में और तेज हो सकता है।