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किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला: 'तानाशाही सोच वाली पार्टी को जनता दोबारा सत्ता नहीं देगी'

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किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला: 'तानाशाही सोच वाली पार्टी को जनता दोबारा सत्ता नहीं देगी'

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया जिसमें कहा गया था कि सत्ता में आने पर BJP नेता सड़कों पर नहीं निकल पाएंगे। रिजिजू ने कांग्रेस को 'तानाशाही सोच वाली पार्टी' बताया और ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के संदर्भ में राहुल गांधी पर भी परोक्ष निशाना साधा।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 27 जून 2025 को कांग्रेस को 'तानाशाही सोच वाली पार्टी' करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के बयान — 'कांग्रेस सत्ता में आई तो BJP नेता सड़कों पर नहीं निकल पाएंगे' — पर रिजिजू ने सीधा पलटवार किया।
21 जून को श्री विजयपुरम में 'विकसित भारत' सम्मेलन में रिजिजू ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के विरोध को लेकर हमला बोला।
रिजिजू ने कहा कि अंडमान-निकोबार में इकोसिस्टम को बर्बाद किए बगैर विकास हो रहा है और ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
रिजिजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह '24 घंटे PM मोदी को बुरा-भला कहती रहती है।'

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 27 जून 2025 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को 'तानाशाही सोच वाली पार्टी' करार देते हुए कहा कि जनता ऐसी पार्टी को दोबारा सत्ता में नहीं लाएगी। रिजिजू की यह तीखी प्रतिक्रिया कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें खेड़ा ने कथित तौर पर लिखा था कि 'अगर कांग्रेस सत्ता में आई, तो भाजपा नेता सड़कों पर निकल भी नहीं पाएंगे।'

रिजिजू का पलटवार

रिजिजू ने खेड़ा की उस पोस्ट को साझा करते हुए लिखा, 'इसीलिए लोग ऐसी तानाशाही वाली कांग्रेस पार्टी को दोबारा सत्ता में नहीं लाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को अपनी बात कहने की आज़ादी है, लेकिन कांग्रेस 'सचमुच 24 घंटे प्रधानमंत्री मोदी को बुरा-भला कहती रहती है।' यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच चल रहे राजनीतिक वाकयुद्ध की ताज़ा कड़ी है।

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट विवाद और राहुल गांधी पर निशाना

इससे पहले, 21 जून को श्री विजयपुरम में आयोजित 'विकसित भारत' सम्मेलन में रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से तीखा हमला बोला था। उन्होंने बिना नाम लिए कहा, 'यहां अंदर की सुंदरता, जीव-जंतु और यहां की लाइफ को समझने के लिए मैंने डाइविंग की, लेकिन दूसरे व्यक्ति ने प्रोजेक्ट को बर्बाद करने के लिए यहां डाइव लगाई।' उनका यह इशारा राहुल गांधी की अंडमान-निकोबार यात्रा की ओर था, जिसके दौरान गांधी ने ग्रेट निकोबार परियोजना का विरोध किया था।

रिजिजू ने कहा, 'वे इस इलाके को प्रमोट करने के लिए नहीं, बल्कि बर्बाद करने के लिए तस्वीरें खींचने आए। यह बिल्कुल ठीक नहीं है और देश में इस तरह का कार्य नहीं होना चाहिए।'

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सरकार का रुख

रिजिजू ने 'विकसित भारत' सम्मेलन में कहा कि अंडमान-निकोबार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बड़ा विजन है और सरकार उसे पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट की परिकल्पना सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है और यहां 'इकोसिस्टम को बर्बाद किए बगैर विकास' हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं और नए प्रोजेक्ट के बाद यहां 'आर्थिक परिवर्तन' होगा।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर्यावरण और जनजातीय अधिकारों को लेकर लंबे समय से विवादों में रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा है, जबकि सरकार इसे रणनीतिक और आर्थिक विकास का अहम कदम बताती है। रिजिजू ने कहा, 'भारत का विकास देखकर कुछ लोगों को तकलीफ हो रही है — हम पहले से इसकी उम्मीद कर रहे थे।' यह टकराव आगामी राजनीतिक बहसों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जनजातीय अधिकार और रणनीतिक ज़रूरतों का संतुलन — इस वाकयुद्ध में दब जाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि रिजिजू का 'विकास बनाम विरोध' का फ्रेम, असल नीतिगत जवाबदेही से ध्यान हटाने का काम करता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को 'तानाशाही पार्टी' क्यों कहा?
रिजिजू ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के उस बयान के जवाब में यह कहा जिसमें खेड़ा ने कथित तौर पर लिखा था कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर BJP नेता सड़कों पर नहीं निकल पाएंगे। रिजिजू ने इसे तानाशाही सोच का प्रमाण बताते हुए कहा कि जनता ऐसी पार्टी को दोबारा सत्ता नहीं देगी।
पवन खेड़ा ने क्या बयान दिया था जिस पर विवाद हुआ?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कथित तौर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि 'अगर कांग्रेस सत्ता में आई, तो भाजपा नेता सड़कों पर निकल भी नहीं पाएंगे।' इस बयान को रिजिजू ने साझा करते हुए इसे लोकतंत्र-विरोधी सोच का उदाहरण बताया।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर रिजिजू और राहुल गांधी के बीच विवाद क्या है?
राहुल गांधी ने अंडमान-निकोबार की यात्रा के दौरान ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का विरोध किया था। रिजिजू ने बिना नाम लिए कहा कि गांधी इलाके को 'प्रमोट करने नहीं, बर्बाद करने के लिए' तस्वीरें खींचने आए थे। सरकार इस परियोजना को रणनीतिक और आर्थिक विकास का ज़रूरी कदम बताती है।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट क्या है?
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में एक बड़ी विकास परियोजना है जिसमें बंदरगाह, हवाई अड्डा और टाउनशिप शामिल हैं। सरकार इसे रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अहम बताती है, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और जनजातीय अधिकारों के लिए खतरा है।
'विकसित भारत' सम्मेलन में रिजिजू ने क्या कहा?
21 जून को श्री विजयपुरम में आयोजित 'विकसित भारत' सम्मेलन में रिजिजू ने कहा कि अंडमान-निकोबार के लिए PM मोदी का बड़ा विजन है और इकोसिस्टम को बर्बाद किए बगैर विकास हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नए प्रोजेक्ट के बाद इस क्षेत्र में 'आर्थिक परिवर्तन' आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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