कांग्रेस के हंगामे पर किरेन रिजिजू की कड़ी प्रतिक्रिया: क्या एक व्यक्ति पूरे देश का राजा हो सकता है?
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की हरकतों पर तीखी टिप्पणी की।
- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
- कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सदन में हंगामा किया।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के द्वारा किए गए हंगामे पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बेमतलब हंगामा करने में व्यस्त है। सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तत्पर है।
किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा, "विपक्ष पूरी तरह से भ्रमित है। उनके सदस्यों को यह नहीं समझ में आ रहा है कि उन्हें क्या करना है। पहले ये लोग लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, जो अभी तक लंबित है, लेकिन उसी समय एक और अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रहे हैं, जिसका कोई अर्थ नहीं है।"
उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे को उठाकर हंगामा कर रहा है, उस पर विदेश मंत्री ने सदन में विस्तार से जवाब दिया है। लेकिन विपक्ष को जवाब सुनने में रुचि नहीं है। रिजिजू ने कहा, "मैंने कभी इतनी गैर-जिम्मेदार पार्टी नहीं देखी। क्या आपका एक परिवार या एक व्यक्ति पूरे देश का महाराजा है? इस देश में संविधान है और सदन में नियम हैं, लेकिन विपक्ष के लोग इन नियमों का पालन नहीं करते हैं।"
रिजिजू ने आगे कहा, "मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से आग्रह करता हूं कि आप अपनी अंतरात्मा में झांककर देखें कि आपकी हरकत से देश का क्या भला हो रहा है और संसद की गरिमा को कितना गिराया गया है।" केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, "आप जो भी अनैतिक प्रस्ताव लाए हैं, उस पर चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। अगर विपक्ष में हिम्मत है तो अभी चर्चा शुरू करें।"
इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
इससे पहले, जब राज्यसभा में पश्चिमी एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपने बयान दे रहे थे, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।