कांग्रेस के सदस्यों का आचरण बिगड़ा: किरेन रिजिजू का कड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के सदस्यों के आचरण की आलोचना की।
- हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई।
- राहुल गांधी और अन्य नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाए गए।
- जनता का गुस्सा विपक्षी सदस्यों की हरकतों के प्रति है।
- संसद में अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने लोकसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा उत्पन्न हंगामे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के सदस्यों ने ऐसा नकारात्मक कार्य किया है, जिसके लिए जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। इस अवसर पर, किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस के सदस्यों ने एलपीजी की कमी को लेकर जोरदार हंगामा किया और इस विषय पर चर्चा की मांग की। इस पर किरेन रिजिजू ने कहा, "बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया था कि वित्त मंत्री अपना उत्तर देंगी और इसके अतिरिक्त, निजी विधेयक पर चर्चा होगी। लेकिन कांग्रेस हंगामा करके अपने सदस्यों के निजी विधेयक के समय को भी समाप्त करना चाहती है।"
राहुल गांधी का नाम लिए बिना, किरेन रिजिजू ने कहा, "यदि इनके नेता (राहुल गांधी) में सुधार नहीं होता है, तो कांग्रेस के अन्य सदस्य भी नहीं सुधरेंगे। आज खुद लोकसभा स्पीकर ने बार-बार कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद स्थिति में सुधार होना चाहिए। लेकिन कांग्रेस के सदस्य सुधारने के बजाय संसद में खाने-पीने का सामान लेकर अनुशासनहीनता का कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता (राहुल गांधी) खुद ग्लास-थाली लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता मानते हैं कि नाटकीय क्रियाकलापों से वे जनता का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन जनता विपक्षी सदस्यों की इस तरह की हरकतों से नाराज है और इसलिए ये लोग सत्ता में नहीं आ सकते।"
रिजिजू ने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी में अब कोई ऐसा नहीं है जो अपने नेता (राहुल गांधी) को समझा सके। क्योंकि उनके नेता के साथ-साथ सारे कांग्रेसी सदस्यों का आचरण बिगड़ गया है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों के पास अभी भी सुधार का अवसर है। उन्हें अपने आचरण में बदलाव लाना चाहिए, नहीं तो जनता फिर से सजा देगी।
इस दौरान, सदन में पीठासीन संध्या राय ने भी विपक्ष के हंगामे पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों का यह व्यवहार ठीक नहीं है और यह लोकतंत्र की गरिमा के लिए भी उचित नहीं है। जनता उन्हें देख रही है। संध्या राय ने कहा, "हम देश के युवाओं को क्या संदेश दे रहे हैं?" इसके बाद, उन्होंने सदन की कार्यवाही को दोपहर २ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।