किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर हमला: उग्रवादियों के साथ उठना-बैठना है चिंताजनक
सारांश
Key Takeaways
- किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर उग्रवादियों के साथ उठना-बैठना का आरोप।
- कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से आत्ममंथन की अपील।
- कांग्रेस की साख और सरकार की नीतियों पर सवाल।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नक्सलवाद, एफसीआरए संशोधन बिल विवाद और प्रधानमंत्री के बयानों पर विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को अपने दृष्टिकोण पर गहराई से विचार करना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी अक्सर उन लोगों के साथ मंच साझा करते हैं, जिन पर वामपंथी उग्रवाद फैलाने के आरोप लगे हैं। उनका उठना-बैठना उग्रवाद फैलाने वाले लोगों के साथ होता है।
उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि जब कांग्रेस के कई कार्यकर्ता नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद की हिंसा में मारे गए हैं, तो पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं दिखाता?
उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता स्वयं राहुल गांधी और सोनिया गांधी से सवाल करें कि वे ऐसे लोगों के साथ क्यों खड़े होते हैं, जिनका संबंध उग्रवाद से है।"
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया है कि सरकार के पास कोई काम नहीं है और अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, "रुपए या अर्थव्यवस्था से ज्यादा कांग्रेस और राहुल गांधी की साख गिर रही है।"
किरेन रिजिजू ने कहा कि देश की छवि को नुकसान नहीं हो रहा है, क्योंकि भारत के पास मजबूत नेतृत्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद देश को नियंत्रण में रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि संकट के समय प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से एकजुट रहने की अपील की है, लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी और कांग्रेस इस पर भी राजनीति करने से नहीं चूक रहे हैं। इसे उन्होंने अफसोसजनक बताया।