ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार: 'राहुल गांधी प्रोजेक्ट बर्बाद करने आए थे'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 22 जून 2026 को श्री विजयपुरम में आयोजित 'विकसित भारत' सम्मेलन में ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के आलोचकों पर तीखा हमला बोला और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि गांधी ने इस परियोजना को नुकसान पहुँचाने के इरादे से यहाँ डाइविंग की थी, न कि इस क्षेत्र को प्रमोट करने के लिए।
मुख्य घटनाक्रम
रिजिजू ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, 'यहाँ अंदर की सुंदरता, जीव-जंतु और यहाँ की लाइफ को समझने के लिए मैंने डाइविंग की, लेकिन दूसरे व्यक्ति ने प्रोजेक्ट को बर्बाद करने के लिए यहाँ डाइव लगाई। वे इस इलाके को प्रमोट करने के लिए नहीं, बल्कि बर्बाद करने के लिए तस्वीरें खींचने आए। यह बिल्कुल ठीक नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट 'कोई मज़ाक का विषय नहीं है' और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
प्रोजेक्ट और विकास का पक्ष
रिजिजू ने कहा कि अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में वन्यजीव और समुद्री जीवन की अनूठी विविधता है, जिसकी रक्षा के लिए कानूनी ढाँचा मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट की परिकल्पना पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर की गई है, और इकोसिस्टम को नुकसान पहुँचाए बिना विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंडमान-निकोबार के लिए एक बड़ा विजन है। इसे पूरा करने के लिए हम सब अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे हैं।'
कांग्रेस पर निशाना
रिजिजू ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'भारत का विकास देखकर कुछ लोगों को तकलीफ हो रही है — हम पहले से इसकी उम्मीद कर रहे थे।' उनका यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर विपक्ष और पर्यावरणविदों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
पर्यटन और मूल्यों की रक्षा
रिजिजू ने अपील की कि अंडमान-निकोबार में केवल 'क्वालिटी टूरिस्ट और अच्छे नागरिक' आने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में शामिल करते हुए यहाँ के सांस्कृतिक और पारिस्थितिक मूल्यों को भी संरक्षित रखना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब नई परियोजना के बाद इस क्षेत्र में आर्थिक परिवर्तन की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की राह
गौरतलब है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण संगठनों और विपक्षी दलों की आपत्तियाँ पहले से दर्ज हैं। रिजिजू का यह बयान सरकार की ओर से एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश है कि केंद्र इस परियोजना को लेकर अपने रुख पर अडिग है। 'विकसित भारत' और 'विकसित अंडमान-निकोबार' के नारे के साथ सरकार इस द्वीपसमूह को एक रणनीतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।