ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट विवाद: रिजिजू के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार, राहुल के दौरे को बताया जागरूकता अभियान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने के आरोप लगाए जाने के बाद 22 जून को कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी का अंडमान-निकोबार दौरा परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, 'देश इसी राह पर चलता रहा तो देश का आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग और खासतौर पर देश का मुसलमान की स्थिति बिगड़ेगी। आप उन्हें गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आप चाहते हैं कि 90 प्रतिशत आबादी गुलामी करे और 10 प्रतिशत लोग राज करें।'
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'अगर परियोजना के नाम पर आप करोड़ों पेड़ काट रहे हैं, परियोजना के नाम पर देश-विदेश के उद्योगपतियों को वहां की जमीन मुफ्त में दे रहे हैं, वहां के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं तो निश्चित तौर पर इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए राहुल गांधी ने दौरा किया था।'
दलवई का रिजिजू पर निशाना
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने केंद्रीय मंत्री रिजिजू पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'झूठ कैसे बोलना है, यह रिजिजू ने भी सीख लिया है। मैंने सुना था कि वह आरएसएस में नहीं थे, फिर भी उन्हें झूठ बोलना किसने सिखाया।'
दलवई ने यह भी कहा, 'सरकार के अंडमान-निकोबार प्रोजेक्ट से काफी नुकसान होगा। इससे मछली, जीव-जंतु, जंगल खत्म हो जाएंगे। आदिवासियों की जिंदगी में भी काफी दखलअंदाजी होगी। वहां के नेचर को बदलने की कोशिश करना बिल्कुल गलत है।'
रिजिजू ने क्या कहा था
इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था, 'अंडमान-निकोबार के अंदर की सुंदरता, जीव-जंतु और यहां की लाइफ को समझने के लिए मैंने यहां डाइविंग की, लेकिन दूसरे व्यक्ति ने प्रोजेक्ट को बर्बाद करने के लिए यहां डाइव लगाई। वे इस इलाके को प्रमोट करने के लिए नहीं, बल्कि बर्बाद करने के लिए तस्वीरें खींचने आए। यह बिल्कुल ठीक नहीं है और देश में इस तरह का कार्य नहीं होना चाहिए।'
रिजिजू ने यह भी कहा कि यह कोई मजाक का विषय नहीं है और 'विकसित भारत' के साथ 'विकसित अंडमान-निकोबार' को देखना होगा। उन्होंने कहा कि इस द्वीपसमूह में गुणवत्तापूर्ण पर्यटक और जिम्मेदार नागरिक आने चाहिए।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का विवाद
गौरतलब है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढाँचा योजना है जिसे लेकर पर्यावरणविदों और विपक्षी दलों ने लंबे समय से आपत्तियाँ जताई हैं। आलोचकों का कहना है कि इस परियोजना से द्वीप के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय आदिवासी समुदायों और समुद्री जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ेगा। यह विवाद ऐसे समय में और तेज हुआ है जब राहुल गांधी के दौरे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।
आगे क्या
इस राजनीतिक टकराव के बीच ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस और तेज होने की संभावना है। पर्यावरण, आदिवासी अधिकार और विकास के बीच संतुलन का यह सवाल आने वाले समय में संसद और सार्वजनिक विमर्श दोनों में केंद्रीय मुद्दा बना रह सकता है।