ग्रेट निकोबार परियोजना पर राहुल गांधी के आरोप गलत और भ्रामक: सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया
सारांश
Key Takeaways
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा ग्रेट निकोबार परियोजना का विरोध किए जाने पर सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने 30 अप्रैल को पलटवार करते हुए उनके बयान को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया। नई दिल्ली में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भदौरिया ने कहा कि यह परियोजना देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और पर्यावरण तथा आदिवासी हितों का पूरा ध्यान रखा जाता है।
परियोजना का परिचय और वित्तीय ढाँचा
भदौरिया ने बताया कि ग्रेट निकोबार परियोजना नीति आयोग द्वारा वर्ष 2021 में शुरू की गई एक एकीकृत विकास योजना है, जिसका कुल परिव्यय लगभग ₹72,000 करोड़ है। इस परियोजना के तहत 16.2 मिलियन टीईयू क्षमता वाले एक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का निर्माण किया जाएगा, जो नागरिक शिपिंग के साथ-साथ भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होगा।
इसके अलावा एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बनेगा, जिसमें नागरिक उपयोग के साथ-साथ एक डिफेंस एन्क्लेव भी शामिल होगा। 450 मेगावाट क्षमता का गैस और सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट तथा एक आधुनिक टाउनशिप का विकास भी इस परियोजना का हिस्सा है।
रणनीतिक महत्व
भदौरिया ने रणनीतिक दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि यह परियोजना मलक्का जलडमरूमध्य से मात्र 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उन्होंने बताया कि दुनिया का 25-30 प्रतिशत समुद्री व्यापार इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है और चीन की ऊर्जा निर्भरता का लगभग 75 प्रतिशत व्यापार भी इसी मार्ग से होता है।
उन्होंने कहा कि समुद्री और हवाई क्षेत्र की जागरूकता बढ़ाने तथा बहु-क्षेत्रीय क्षमता निर्माण के लिए यह परियोजना अनिवार्य है और यह एक अजेय ठिकाना बनेगा।
आर्थिक लाभ और कोलंबो-सिंगापुर पर निर्भरता में कमी
आर्थिक पहलू पर भदौरिया ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से कोलंबो और सिंगापुर जैसे बंदरगाहों पर भारत की निर्भरता घटेगी और पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक शिपिंग हब बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
वर्तमान में इस स्मार्ट सिटी क्षेत्र में लगभग 8,000 लोग रहते हैं, जबकि विकसित होने पर शहर की क्षमता 6 से 6.5 लाख लोगों की होगी।
राहुल गांधी के आरोपों पर सीधा जवाब
राहुल गांधी ने परियोजना पर पर्यावरण को नुकसान, आदिवासी हितों के विरुद्ध होने, पेड़ काटे जाने और घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर भदौरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा,