राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप का दौरा किया, केंद्र की परियोजना को बताया 'विकास की आड़ में विनाश'

Click to start listening
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप का दौरा किया, केंद्र की परियोजना को बताया 'विकास की आड़ में विनाश'

सारांश

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार दौरा महज़ एक राजनीतिक यात्रा नहीं था — यह केंद्र की बहुचर्चित विकास परियोजना के खिलाफ सीधी चुनौती थी। 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन और आदिवासी समुदायों के भविष्य को लेकर उन्होंने जो सवाल उठाए, वे पर्यावरण बनाम विकास की बहस को नई धार देते हैं।

Key Takeaways

  • राहुल गांधी ने 29 अप्रैल 2026 को ग्रेट निकोबार द्वीप का दौरा किया और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
  • उन्होंने केंद्र की ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को 'विकास की भाषा में छिपा हुआ विनाश' करार दिया।
  • परियोजना से 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
  • राहुल गांधी ने आदिवासी समुदायों और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।
  • उन्होंने कैंपबेल बे स्थित श्री सिंह सभा गुरुद्वारे में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से मुलाकात की।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 29 अप्रैल 2026 को ग्रेट निकोबार द्वीप के दौरे का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और केंद्र सरकार की 'ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना' पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विकास नहीं, बल्कि विकास की भाषा में छिपा हुआ विनाश है।

दौरे में क्या देखा राहुल गांधी ने

कांग्रेस नेता राहुल गांधी वीडियो में ग्रेट निकोबार द्वीप के घने जंगलों में घूमते नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा,

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में ठोस विकल्प भी पेश करेगा या केवल आलोचना तक सीमित रहेगा। ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों और आदिवासी अधिकार संगठनों ने पहले से ही गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं, जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज में अपेक्षित स्थान नहीं मिला। 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन और शॉम्पेन जैसे अति-संवेदनशील आदिवासी समुदायों का भविष्य दाँव पर है — यह विषय केवल राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि स्वतंत्र पर्यावरणीय समीक्षा से तय होना चाहिए।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप का दौरा क्यों किया?
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना के विरोध में यह दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना से 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन नष्ट होगा और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है।
ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक बड़ी अवसंरचना परियोजना है जिसमें ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टाउनशिप और पावर प्लांट बनाने की योजना है। परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों और आदिवासी अधिकार संगठनों ने गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं।
राहुल गांधी ने परियोजना पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कहा कि यह परियोजना लाखों पेड़ों को काटने की तैयारी है और आदिवासी समुदायों के घर उनसे छीने जा रहे हैं। उन्होंने इसे 'देश की प्राकृतिक व आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे गंभीर अपराधों में से एक' बताया।
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार में और क्या किया?
राहुल गांधी ने कैंपबेल बे स्थित श्री सिंह सभा गुरुद्वारे का दौरा किया, मत्था टेका और अरदास की। इसके अलावा उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की।
ग्रेट निकोबार परियोजना से कौन प्रभावित होगा?
परियोजना से मुख्य रूप से द्वीप के आदिवासी समुदाय और स्थानीय निवासी प्रभावित होंगे। पर्यावरणविदों के अनुसार, 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन और वहाँ की जैव-विविधता को भी गंभीर खतरा है।
Nation Press